बस्ती। शहर के प्रमुख नालों को ढकने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। नगर पालिका क्षेत्र में अधिकांश नाले खुले पड़े हैं। कहीं ढक्कन नहीं हैं तो कहीं क्षतिग्रस्त होने के कारण खतरा बना हुआ है। इससे राहगीरों के साथ निराश्रित गोवंश के नालों में गिरने की आशंका रहती है। जिन घरों और दुकानों के सामने नाले खुले हैं, वहां लोग आवागमन के लिए लकड़ी के पटरे का सहारा ले रहे हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में खुले नाले हादसों का कारण बन सकते हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में 24 छोटे, 26 मझले और दो बड़े नाले हैं। इनमें से अधिकांश स्थानों पर ढक्कन नहीं हैं। कुछ जगहों पर लगे ढक्कन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शहर का प्रमुख गंदा नाला भी खुला है। यह काफी गहरा है। इसमें निराश्रित गोवंश या किसी व्यक्ति के गिरने पर गंभीर हादसा हो सकता है। नाले के किनारे झाड़-झंखाड़ भी उग आए हैं।
मालवीय रोड के दोनों तरफ बने नाले भी कई जगह खुले हैं। फव्वारा तिराहे से आगे बढ़ने पर बाईं ओर जगह-जगह नाला खुला दिखाई देता है। इसके किनारे कई दुकानें भी लगती हैं। दुकानदारों और राहगीरों को आने-जाने के लिए लकड़ी के पटरे रखने पड़ते हैं। जरा सी चूक होने पर कोई भी खुले नाले में गिर सकता है।
रौता चौराहे तक भी यही स्थिति बनी हुई है। बेबी डाल के पास नाला सड़क की सतह के बराबर है। ऐसे में अंधेरे में सड़क किनारे से गुजरने वाले लोगों या जानवरों को नाला दिखाई नहीं देने पर हादसे का खतरा रहता है। मालवीय रोड के अन्य हिस्सों में भी नालों की स्थिति चिंताजनक है।
नगर पालिका परिषद के ईओ अंगद गुप्ता ने बताया कि खुले नालों पर जल्द ही ढक्कन लगवाए जाएंगे। जिन स्थानों पर ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें भी बदलवाया जाएगा।
खुले नाले में पैर जाने से व्यक्ति चोटिल
फव्वारा तिराहे के पास नाले का ढक्कन खिसकने से एक व्यक्ति चोटिल हो गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले बीडीए के सामने से फव्वारा तिराहे की ओर आ रहा व्यक्ति सड़क किनारे पहुंचा तो उसका पैर खुले नाले में चला गया। चोट लगने के बाद वह अचेत हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह करीब आधे घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। इस घटना के बावजूद खुले नालों को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है।