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Basti News: 17 एजेंसियों पर पहुंचा सिर्फ 6,451 सिलिंडर...12 बजे तक हो गए खत्म

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सिविल लाइन स्थित एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़
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बस्ती। रसोई गैस के लिए बुधवार को रोजाना की अपेक्षा दोगुनी भीड़ दिखाई दी। सोमवार को बंदी और मंगलवार के दिन कम सिलिंडर आने के बाद अचानक बुधवार को उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा हो गया। सुबह होते ही लोग खाली सिलिंडर लेकर एजेंसियों के सामने पहुंचने लगे थे। कुल 17 एजेंसी पर ही सिलिंडर पहुंचा, जिसमें 6,451 का वितरण हो पाया। कई एजेंसियों पर 12 बजे से पहले ही सिलिंडर खत्म हो गया।
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बता दें कि सिलिंडर के लिए रात से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती थी, अब सुबह नौ बजे के पहले से लाइन लग रही है। एजेंसी खुलने के समय तक सभी जगहों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जुट गई थी। अधिकांश जगहों पर टोकन लेने के लिए तो कई एजेंसियों पर पर्ची कटवाने और ओटीपी देकर पैसा भुगतान के लिए हो-हल्ला मचाते दिखे। रेलवे स्टेशन रोड, मालवीय रोड, सिविल लाइन, रौता क्षेत्र में सिलिंडर की आपूर्ति हुई। कई एजेंसियों के बाहर लाइन होने से लोग धूप में परेशान भी हुए।
बताया गया कि अब भीड़ कुछ जरूर कम हुई है, मगर सिलिंडर की आपूर्ति कम होने से सांसत बढ़ी है। 40 एजेंसियों में 23 ड्राई रहीं, जबकि 17 पर सिर्फ 6,451 सिलिंडर पहुंचा, ऐसे में बुकिंग के हिसाब से वितरण नहीं हो पाया। अधिकांश उपभोक्ता लौट गए। अभी भी 16,500 बैकलॉग है। बताया गया कि रोजाना बुकिंग अभी भी 20 हजार हो रही है। मगर, उसके सापेक्ष सिलिंडर न आने से बैकलॉग बढ़ता जा रहा है।
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श्यामू ने बताया कि बुकिंग के बाद तत्काल सिलिंडर अभी नहीं दे रहे हैं। लाइन लगने के बाद भी कभी-कभी सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है, चूंकि पता नहीं चलता कि आज सिलिंडर बंटेगा कि नहीं। सुरेश ने बताया कि सर्वर डाउन होने से परेशानी हो रही है। समय से डिलीवरी कोड नहीं आता, ऐसे में इंतजार करना पड़ता है। इस बीच पता चलता है कि सिलिंडर ही खत्म हो गया, ऐसे में दूसरे दिन फिर लाइन में लगकर सिलिंडर लेना पड़ता है।
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भुगतान न होने के कारण आठ पंप रहे बंद
जिले में 183 पंप संचालित हैं। बुधवार को बताया गया कि भुगतान न किए जाने की दशा में आठ पंप ड्राई रहे। यहां डीजल-पेट्रोल का स्टॉक शून्य होने के चलते आए ग्राहक लौट गए। सर्वाधिक परेशानी किसानों और ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को हुई। उन्हें दूसरे पंप से डीजल व पेट्रोल भरवाना पड़ा। किसानों ने बताया कि सभी पंप पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।
कोट
बुकिंग के सापेक्ष वैसे तो वितरण नहीं हो पा रहा है, लेकिन जितना सिलिंडर मिल रहा है, ओटीपी लेकर वितरण करवा रहे हैं। निगरानी के लिए इंस्पेक्टर भी लगे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। जिन पंप पर डीजल-पेट्रोल का स्टॉक शून्य रहा, उन्होंने कंपनी को भुगतान नहीं किया था।
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-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ, बस्ती।
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