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जेल में मुलाकात के लिए ऑनलाइन नंबर

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बस्ती। 
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जेल में निरुद्ध हार्ड क्रिमिनल बंदियों से मुलाकात करने वाले पुलिस के रडार पर हैं। इसे और भी फुलप्रूफ बनाने के लिए जल्द ही ऑनलाइन क्यू सिस्टम शुरू किया जा रहा है। जिसमें बंदियों से मुलाकात करने वालों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। किस बंदी से कौन मुलाकाती, कितनी बार मिला, इस पर पुलिस की नजर होगी। इसके शुरू होने से सामान्य मुलाकातियों को घंटों लाइन लगाने की झंझट से छुट्टी मिल जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही का डाटा रखने में भी सहूलियत होगी।

प्रदेश सरकार के आदेश के बावजूद कारागार प्रशासन का ज्यादातर सिस्टम पुराना ही है। अभी तक प्रदेश की ज्यादातर जेलों में निरुद्ध बंदियों से मिलने की व्यवस्था पुराने पैटर्न पर ही आधारित है। इसमें पहले पर्ची बनवानी पड़ती है फिर नंबर आने पर शिफ्ट के मुताबिक बारी आने पर मुलाकात होती है। इसमें मुलाकातियों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है और मिलने वालों की ज्यादा डिटेल भी पुलिस या जेल रिकॉर्ड में नहीं मिल पाती है। किस बंदी से कौन-कौन कितनी बार मिला इन सबका हिसाब-किताब जेल प्रशासन नहीं रखता। साथ ही मुलाकात कराने के नाम पर आने वाले लोगों से जेल नियमों को ताक पर रखकर रुपये वसूलने के आरोप भी बंदी रक्षकों पर लगते रहे हैं। ऐसे में मुलाकात कराने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जा रही है। ताकि फुलप्रूफ निगरानी हो सके। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि जल्द से जल्द इसे लागू कराने का प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज हो गया है। जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।       
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प्रिजन डॉट एनआईसी पर रजिस्ट्रेशन      
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रिजन डॉट एनआईसी पर एंट्री करनी होगी। रजिस्ट्रेशन के प्रिंटआउट को जेल रूम में बने कंप्यूटर रूम में दिखाना होगा। यहां पर पूूरे ब्योरे की जांच के बाद बंदी से मुलाकात हो सकेगी। निर्धारित से ज्यादा संख्या होने पर कंप्यूटर पर्ची जारी नहीं करेगा। विचाराधीन बंदियों से सप्ताह में अधिकतम तीन बार ही मुलाकात हो सकेगी इसमें भी तीन लोगों  से ज्यादा एक साथ नहीं मिल सकते।      
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कई बार सामने आई चूक      
जिला कारागार की बैरक से रंगदारी और लूट की कई घटनाओं की साजिश हो चुकी है। कई बार क्राइम ब्रांच और थाने की पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। जिसमें जेल में निरुद्ध अपराधी मुलाकातियों के जरिए न केवल संदेश आदान-प्रदान करते हैं, बल्कि अपराध की प्लानिंग भी करने से बाज नहीं आते। 
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