पुरानी बस्ती क्षेत्र के पुराने अड्डों पर सक्रिय हुए लॉटरी एजेंट, कॉपी पर बुक हो रहा टिकट
सेटिंग के बाद थानों के दलाल धंधेबाजों को रोज दे रहे सिंगनल, लॉटरी के खेल से बिगड़ रहे युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर के आधे हिस्से में ऑनलाइन लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इसके लती बनकर युवा बिगड़ रहे हैं। सुबह नौ से शात सात बजे तक दस राउंड का यह खेल बेखौफ संचालित किया जा रहा है। पुराने अड्डे सक्रिय हो गए हैं। लॉटरी एजेंट दिनभर टिकट की बुकिंग के लिए मुस्तैद रहते हैं। थाने के दलाल सेटिंग के बाद धंधेबाजों को प्रतिदिन सुबह सिंगनल दे रहे हैं। इसके बाद चर्चित ठिकानों पर लॉटरी का खेल शुरू हो जाता है।
चुनाव कार्यों में पुलिस उच्चाधिकारियों की व्यस्तता क्या बढ़ी कि धंधेबाजों को अच्छा मौका मिल गया। स्थानीय स्तर पर दलाल के माध्यम से सेटिंग कर कमाई का तरकीब फिर से खोज लिया गया है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में इन दिनों लक इंडिया लॉटरी का ऑनलाइन धंधा शुरू हुआ है। इसके लिए चर्चित आधा दर्जन पुराने अड्डे सक्रिय हो गए हैं। जब तक यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आएगा और सख्ती शुरू होगी, तब अच्छा खासा हिसाब तैयार हो जाएगा।
थाना क्षेत्र के करूआ बाबा चौक के पास, मालगोदाम मोड़, रेलवे स्टेशन गेट के पास, शुगर मिल गेट के आसपास एक से दो की संख्या में लॉटरी एजेंसी कलम-कॉपी के साथ मौजूद मिल जाएंगे। प्रत्येक घंटे पर ऑनलाइन लॉटरी निकल रही है। इसका परिणाम मोबाइल फोन पर देखने को मिल रहा है। इस खेल का लती मजदूर तबका एवं युवा वर्ग बन रहा है।
किशोर भी 12 के बदले 100 रुपये तैयार करने की फितरत में लॉटरी खेल रहे हैं। एजेंट के पास रुपये जमा कर नंबर नोट कराया जा रहा है। एक घंटे बाद यदि नंबर खुल रहा है तो जीत की धनराशि लेने के बाद दूसरे राउंड के लिए नंबर बुक हो रहे हैं। यह खेल दिनभर चल रहा है। मजदूर तबका तो दिन भर की गाढ़ी कमाई लॉटरी से रकम कमाने की लालच में पड़कर बर्बाद कर दे रहा है।
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ऐसे होता लॉटरी का खेल
सुबह नौ बजे से एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। 0 से 9 अंक तक के बीच के नंबरों की बुकिंग करनी होती है। दस बजे पहले राउंड का परिणाम आ जाता है। इसमें जिस एक अंक का परिणाम आता है तो लोग बुकिंग वाले नंबर से मिलान करते हैं। यदि वही नंबर है तो बल्ले बल्ले, 12 रुपये के बदले 100 रुपये मिलता है। यदि नंबर नहीं निकला तो निराशा हाथ लगती है। इसी तरह पूरे दिन 9 अंकों पर यह खेल चलता रहता है।
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नाराज हैं लोग
करूआ बाबा चौक पर मिले केशवराम ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटा अभी 16 साल का है। उसे मोहल्ले में लॉटरी होने के कारण इसकी लत लग गई है। किसी न किसी बहाने वह रुपये लेकर लॉटरी खेल लेता है। इससे उसका भविष्य तो चौपट हो ही रहा है, आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वहीं संतराम ने बताया कि यह धंधा कुछ दिन के लिए बंद होता है और फिर शुरू हो जाता है। इसकी शिकायत करने पर स्थानीय पुलिस भी संज्ञान नहीं लेती है। उच्चाधिकारी जब दखल करते हैं तभी यह धंधा बंद होता है।
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कोट
ऑनलाइन लॉटरी का धंधा पिछले दिनों बंद करा दिया गया था। फिर से शुरू होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो एजेंट से लेकर इसे संचालित कराने वाले सभी पकड़े जाएंगे और कार्रवाई भी होगी।
-विनय चौहान, सीओ सिटी