बस्ती। विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए सप्तम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने धारदार हथियार से हमला व रिहायशी घर जलाने के मामले में एक दोषी को दस वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर चार साल दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी अजय बहादुर पाल ने अदालत को बताया कि घटना आठ दिसंबर 2006 की है। बताया कि पैकोलिया क्षेत्र के भानपुर गांव निवासी रेशमा देवी पत्नी केशवराम यादव ने थाने में तहरीर देकर कहा कि परिवार के लोग खेत में गन्ना लादने गए थे। इसी बीच पटीदार जगराम, घनश्याम, मंशारम और सावित्री ने उसके घर में घुस कर लाठी, कुदाल व गड़ासा से जान से मार डालने की नीयत से हमला बोल दिया। आरोपियों ने उसे और उसकी सास लखपाती देवी को घायल कर दिया।
इलाज कराने चले जाने के बाद नौ दिसंबर की शाम इन्हीं लोगों ने दुश्मनी में रिहायशी मकान फूंक दिया। मंशाराम ने आग लगाई जिसमें सब कुछ जलकर राख हो गया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दिया। अभियोजन की ओर से साक्ष्य संकलित कर आरोपियों का नाम केस में बढ़ाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। कोर्ट ने जगराम व सावित्री को विचारण के लिए तलब किया है। मेडिकल रिपोर्ट व नौ गवाहों के बयान के बाद न्यायालय ने आरोपी मंशाराम यादव निवासी भानपुर को सजा सुनाई।
न्यायालय ने इसी मामले में दर्ज क्रास केस में कनिक राम यादव निवासी भानपुर पैकोलिया को पांच वर्ष सश्रम कारावास व 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसे न अदा करने दो वर्ष पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।