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Basti News: डायरिया से एक शख्स की मौत... तिलकपुरवा में दहशत

Tue, 13 Aug 2024 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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सांऊघाट क्षेत्र के तिललोकपुर गांव में डायरिया फैलने पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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तिलकपुरवा गांव की अनुसूचित बस्ती में डायरिया से कई लोग हुए प्रभावित
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उल्टी-दस्त से पीड़ित लक्खूराम की शनिवार को हुई है मौत, गंभीर हालत में हेमचंद्र को किया गया रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सांऊघाट विकास क्षेत्र के तिलकपुरवा गांव के अनुसूचित बस्ती में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। शनिवार को उल्टी-दस्त से एक व्यक्ति की मौत होने से यह गांव चर्चा में आ गया है। रविवार से ही स्वास्थ्य टीम यहां भ्रमण कर रही है। सोमवार को भी बीमारों के घर पर टीम ने दस्तक दी और दवाइयां वितरित की गईं। उल्टी-दस्त से अब भी पांच-छह लोगों की तबीयत खराब बताई जा रही है। एक व्यक्ति गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल से रेफर होकर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। गांव के लोग भयभीत हैंं।
ग्रामीणों का कहना है कि तिलकपुरवा में एक सप्ताह पहले से उल्टी-दस्त (डायरिया) का प्रकोप शुरू हुआ। सबसे पहले अनुसूचित टोला के सुभाष की हालत बिगड़ी। पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी-दस्त शुरू हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उनकी स्थिति ठीक हुई तो शुक्रवार को घर पहुंचे। इसी दिन उनके पिता लक्खूराम की भी हालत उल्टी-दस्त से बिगड़ गई। उन्हें भी आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। गांव के ही खेम चंद्र की भी हालत उल्टी-दस्त से खराब है। जिला अस्पताल में उनकी गंभीर स्थिति होने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
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इसके अलावा लक्खूराम के ही परिवार की सोहरता, राजकुमार, इंद्रावती और बिंदू भी उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। फिलहाल उपचार के बाद इन लोगों की हालत ठीक बताई जा रही है। घर पर ही इनकी दवा चल रही है। डायरिया से लक्खू की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। दो दिन से यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर रही है।
सोमवार को टीम ने डायरिया से प्रभावित लक्खूराम, बिंदू और जोखन प्रसाद के घर पहुंची। बचाव के तरीके सुझाने के साथ प्रभावित लोगों में दवाएं वितरित की गईं। पूरे प्रकरण पर पक्ष जानने के लिए सीएमओ डॉ. आरएस दुबे को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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सदर विधायक के पहुंचने पर मची हड़कंप
डायरिया से प्रभावित गांव तिलकपुरवा में लक्खूराम की मौत की सूचना के बाद रविवार की शाम सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव पहुंचे। उन्होंने मौके से ही सीएमओ को मोबाइल पर फोन कर गांव की समस्या से अवगत कराया। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल प्रभावित गांव में टीम भेजी गई। दूसरे दिन भी टीम यहां पहुंचकर उल्टी-दस्त से प्रभावित लोगों का पता लगाने के साथ उनमें दवाएं वितरित कीं।
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ग्रामीण पी रहे दूषित पानी
तिलकपुरवा में घर-घर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। करीब 50 घर के इस पुरवे में अधिकतर अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। यहां बगल के गांव हटवा में पेयजल परियोजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई है। यहां से संबंधित गांव तक पाइप लाइन बिछाई गई है। मगर, हर घर कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। इससे लोग हैंडपंप का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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क्लोरीन की बंट रहीं गोलियां, पानी की होगी जांच
प्रभावित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर क्लोरीन की गोलियां बांट रही है। ग्रामीणों को क्लोरीन युक्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग पानी की गुणवत्ता की जांच कराने में जुटा है। जिला संक्रामक रोग प्रभारी एके चौधरी ने बताया कि गांव में पानी की टेस्टिंग के लिए टीम भेजी गई है। इसके अलावा अन्य बचाव कार्य शुरू करा दिए गए हैं।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान की ग्रामीणों को भनक तक नहीं
जिले भर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाने का ढोल स्वास्थ्य विभाग भले ही पीट रहा हो, लेकिन डायरिया प्रभावित तिलकपुरवा के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जिन घरों में लोग डायरिया से पीड़ित है वहां आसपास गंदगी का अंबार है। इन घरों के मुख्य रास्ते पर ही गंदा पानी भरा है। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए यहां कोई उपाय नहीं किए गए हैं। लोगों ने बताया कि ग्राम स्वास्थ्य समिति की ओर से एंटी लार्वा एवं ब्लीचिंग तक नहीं छिड़कवा गया है। नालियां जगह-जगह जाम है। गंदगी और दुर्गंध के बीच रहना लोगोंं की मजबूरी है। सड़क और नालियों को साफ करने के लिए सफाई कर्मचारी भी नहीं आते हैं।
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गांव में सफाई कर्मचारी कौन नियुक्त है, हमें पता नहीं है। शायद ही कभी यहां की सड़क और नालियों की सफाई कराई जाती हो।
-पियुष कुमार, तिलकपुरवा
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भाई और पिता की तबीयत खराब सुनकर घर पहुंचा। इसी बीच उल्टी-दस्त से उसकी भी हालत खराब हो गई। दवा लेने के बाद कुछ राहत मिली है। हमारे मोहल्ले में बहुत गंदगी है।
-राजकुमार, तिलकपुरवा
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नल का पानी खराब हो गया है। पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो रही है। उसके घर में पांच-छह लोगों की हालत उल्टी-दस्त से बिगड़ गई है। एक की मौत हो चुकी है। टीम आई थी, सभी को दवा देकर चली गई।
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-सोहरता, तिलकपुरवा
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कोट
डायरिया प्रभावित गांव तिलकपुरवा में स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद है। दवा आदि का वितरण कराया जा रहा है। पानी की टेस्टिंग के लिए टीम भेजी गई है। एहतियात ही बचाव का तरीका है। ग्रामीण पानी उबालकर पीएं। क्लोरीन युक्त पानी का ही सेवन करें। तेल, मसाला का सेवन कम से कम करें। ताजा भोजन ही ग्रहण किया जाए।
-डॉ. एके चौधरी, जिला संक्रामक रोग प्रभारी
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प्रभावित गांव तिलकपुरवा

लक्खूराम- जिला अस्पताल में मृत्यु।
खेमचंद्र- जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर।
सोहरता, राजकुमार, इंद्रावती, बिंदू, जोखन प्रसाद, प्रमोद कुमार- बीमार।
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