टेक्निकल के बाद खोली गई वित्तीय निविदा, अब कमेटी की स्वीकृति मिलने की देरी
बीडीए बनवाएगा सवा दो किमी लंबी सड़क, शहरियों को मिलेगी गड्ढाें एवं धूल से मुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मालवीय मार्ग का बुरा वक्त अब खत्म होने वाला है। बीडीए ने इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। टेक्निकल के बाद वित्तीय निविदा भी खोल दी गई है। अब चयनित फर्म को निविदा आवंटित करने के लिए समिति के मंजूरी मिलने भर की देरी है। इसी के बाद निर्माण की हलचल दिखने लगेगी।
बीडीए शहर में 17 नवंबर को प्रस्तावित मैराथन दौड़ से पहले इस सड़क के एक लेन को दुरुस्त करने की कोशिश में जुट गया है। संबंधित फर्म से एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के तत्काल बाद निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी चल रही है। मालवीय मार्ग का निर्माण कार्य बीडीए की सबसे बड़ी परियोजना में शुमार हुआ है। 2.30 करोड़ की लागत से इस सड़क को हॉट मिक्स प्लांट से चमकाया जाएगा।
शहरवासियों को लंबे समय से इस सड़क के मरम्मत का इंतजार हैं। उम्मीद थी कि दिवाली तक यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी। मगर, कागजी प्रक्रिया पूरी न होने से मामला उलझ गया। अब जाकर निविदा प्रक्रिया पूरी होने के कगार पर पहुंची है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले सप्ताह से इस सड़क के निर्माण की उम्मीद जग गई है।
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मिनी मैराथन की वजह से बढ़ा दबाव
शहर में हर साल आठ किमी का मिनी मैराथन दौड़ कराया जाता है। यह स्टेडियम से शुरू होकर गांधीनगर मार्ग, रोडवेज के पास नेहरू तिराहा होकर मालवीय मार्ग के रास्ते स्टेडियम पर आकर समाप्त होता है। इस बार यह आयोजन 17 नवंबर को होना प्रस्तावित है। इसमें गैर जनपदों के करीब आठ धावक हिस्सा लेते हैं। उच्चाधिकारियों का दबाव है कि इस समय सीमा में मालवीय मार्ग की सड़क को चलने लायक बना दिया जाए, ताकि धावकों को दौड़ने में कठिनाई न हो। ऐसे में बीडीए रोडवेज नेहरू तिराहा से फव्वारा तिराहे तक मैराथन से पहले कम से कम एक लेन की सड़क एक लेयर बनाने की कोशिश में जुटी है।
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धूल और गड्ढों से होकर गुजरना कठिन
वर्तमान में नगर पालिका के अधीन मालवीय मार्ग की सड़क एकदम से जर्जर हो चुकी है। इसमें गड्ढे ही गड्ढे हैं। फव्वारा तिराहे से लेकर रोडवेज नेहरू तिराहा तक सवा दो किमी लंबाई में यह सड़क चलने लायक नहीं है। सरकारी बसों एवं चार पहिया वाहनों के आवागमन के दौरान सड़क पर धूल उड़ रही है। विद्युत निगम कार्यालय के सामने सौ मीटर तक इस सड़क का वजूद ही खत्म होने के कगार पर पहुंच चुका है। सड़क के किनारे स्थित मंदिर, घर और दुकानों में लोगों ने धूल आने की वजह से पर्दा लगा रखा है। वहीं शहरवासी इस मार्ग पर कम से कम चलना चाह रहे हैं। इसी वजह से गांधीनगर मार्ग और ब्लॉक रोड पर आवागमन बढ़ गया है।
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कोट
मालवीय मार्ग की टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरा होने वाली है। समिति में शामिल कुछ अधिकारी अवकाश पर हैं, इसलिए मंजूर नहीं हुई है। एक-दो दिन में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम