बस्ती। इस बार मौसम भी स्वास्थ्य के लिए नई-नई चुनौतियां पेश कर रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. पंकज शुक्ला बताते हैं कि दिसंबर में सर्दी अनुमान से कम है और यही सबसे बड़ा जोखिम भी है। दिन में तापमान 24 डिग्री के आसपास है तो हमें ठंडक का एहसास ही नहीं हो रहा। अगर बंद गाड़ी में घूमें तो पसीना आने लगता है। वहीं रात में 10 बजे के करीब तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच जा रहा है। तापमान में तीन गुने का यह अंतर हर उम्र के लिए घातक है। बच्चों के लिए यह सबसे खतरनाक है। इससे निमोनिया के केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार, बृहस्पतिवार की रात लगातार तीसरे दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रहा। दिन में धूप के बीच सर्द पछुआ हवा चलती रही। इससे पहले बुधवार को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री और अधिकतम 25 डिग्री रहा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 9.5 और अधिकतम 24.2 डिग्री दर्ज किया गया था। शुक्रवार व शनिवार को न्यूनतम तापमान घटकर आठ डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने वाला है।
बच्चों के लिए नुकसानदेह है सर्द हवा
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ल ने बताया कि ठंड के मौसम में धूप के साथ चलने वाली सर्द हवाएं बच्चों को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। आमतौर पर माताएं ऐसे मौसम में बच्चों को धूप में नंगे बदन तेल की मालिश करती हैं। ऐसा करने पर सर्द हवाएं बच्चों को प्रभावित करती हैं। इसलिए इन दिनों मालिश के बाद नंगे बदन रखने की बजाय गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। क्योंकि बच्चे तापमान और सर्द हवाओं के इस खेल को झेल पाने में सक्षम नहीं होते। उन्हें सर्दी-जुकाम के साथ सीने में जकड़न होती है, जो निमोनिया का कारण बनता है।