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Basti News: तीन घंटे में उल्टी-दस्त के पहुंचे डेढ़ सौ मरीज...इमरजेंसी वार्ड फुल

Thu, 22 Jun 2023 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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कमिश्नर अ​खिलेश सिंह ने मेडिकल कालेज का किया निरीक्षण।
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बस्ती। उल्टी-दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में अभी कमी नहीं आ रही है। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल काॅलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली और जिला अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है। सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में उल्टी-दस्त के डेढ़ सौ मरीज आए। हालांकि पिछले चौबीस घंटे में हीट स्ट्रोक के चलते किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पिछले चौबीस घंटे में दोनों अस्पतालों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित 164 मरीज भर्ती किए जा चुके थे। इनमें 79 मरीज जिला अस्पताल और 85 ओपेक कैली के शामिल हैं। वहीं, जिला अस्पताल से दो मरीज रेफर भी किए गए हैं।
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उधर, मंडलायुक्त अखिलेश सिंह बुधवार को मेडिकल काॅलेज के ओपेक चिकित्सालय में पहुंच गए। इस दौरान लगभग आधे घंटे तक अस्पताल प्रशासन हलकान रहा। दोनों अस्पतालों की पड़ताल करती रिपोर्ट-

ओपेक चिकित्सालय कैली, समय 11.30 बजे
अचानक मंडलायुक्त अखिलेश सिंह का काफिला ओपीडी के बाहर पहुंचता है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. मनोज कुमार, अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एएन प्रसाद एवं कुछ वरिष्ठ चिकित्सक उन्हें रिसीव करने आ जाते हैं। तभी आयुक्त ओपीडी की ओर बढ़ जाते है। यहां पर्चा काउंटर के सामने मरीज लाइन में खड़े थे। अंदर दो कर्मचारी मरीजों का पंजीकरण कर रहे थे। बताया गया सुबह से 900 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। दो बजे तक यह संख्या 1200 के आसपास होने की बात कहीं गई। कमिश्नर इमरजेंसी वार्ड की ओर रुख कर गए। यहां 25-25 बेड के दो वार्ड है। एक वार्ड उल्टी दस्त के मरीजों से भरा रहा। जूनियर चिकित्सक डाॅ. पूजा मिश्रा मरीजों की देखभाल में मुस्तैद दिखी। वहीं दूसरे वार्ड में छह मरीज भर्ती पाए गए। इसमें अधिकांश सांस फूलने की समस्या से पीड़ित बताए गए। जिन्हें आक्सीजन पर रखा गया था। वार्ड में भीषण गर्मी से मरीज और तीमारदार परेशान दिखे। यहां पहुंचने के बाद कमिश्नर को भी गर्मी का आभास हुआ। उन्होेंने सीएमएस को तत्काल प्रभाव से मरीजों के लिए कूलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बाहर निकलने पर परिसर में जलभराव देख कमिश्नर से प्राचार्य और सीएमएस से सवाल जवाब शुरू कर दिया। बताया गया कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। कमिश्नर ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
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मेडिसिन विभाग में 150 मरीज पहुंचे
मेडिकल काॅलेज के मेडिसिन विभाग में सुबह से दोपहर 12:10 बजे तक 150 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। डाॅ. रजत पांडेय अपने कक्ष में मरीजों से घिरे रहे। वह एक-एक कर मरीजों को देख रहे थे। बाहर भीड़ भी थी। बताया कि उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। लेकिन स्थिति सामान्य है। गंभीर और कमजोर हो चुके मरीजों को ही भर्ती किया जा रहा है। अधिकांश को दवा देकर छोड़ दिया जा रहा है।
24 घंटे में पांच मौतें
ओपेक चिकित्सालय कैली के सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने कहा कि कैली में 24 घंटे के भीतर पांच मौतें हुई हैं। ये सभी मौतें 60 साल से ऊपर के लोगों की है। इन लोगों में दो की हृदयाघात से और तीन की विभिन्न बीमारियों से मौत हुई है। अस्पताल से किसी को रेफर नहीं किया गया है। वैसे अब मौसम बदलने के कारण स्थिति सामान्य हो रही है।
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जिला अस्पताल, समय 12.40 बजे।
जिला अस्पताल में 30 बेड का इमरजेंसी वार्ड भी मरीजों से भरा रहा। बताया गया कि दवा की पहली डोज पूरा होने के बाद मरीजों को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। यहां चौबीस घंटे में 79 मरीज भर्ती किए जा चुके थे। इमरजेंसी वार्ड में केंद्रीयकृत एसी चालू होने से मरीज और तीमारदार राहत में दिखे। वहीं, रात में उल्टी दस्त और पेट दर्द से गंभीर चार मरीजों को यहां से रेफर किया गया था। दिन में एक बुजुर्ग मरीज को रेफर किया गया। अस्पताल की ओर से स्ट्रेचर मुहैया न कराने पर परिजन अपने मरीज को गोद में लेकर इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकले।
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डाॅक्टर ने बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने की दी सलाह
इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का देखभाल कर रहे चिकित्सक डाॅ. जमा ने कुछ मरीजों के पर्चे पर अल्ट्रासाउंड लिखा। अस्पताल में इन दिनों अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। संबंधित चिकित्सक मरीजों को बाहर के एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाने की सलाह देते रहे। यहां पेट दर्द से पीड़ित भर्ती मरीज रंजना के परिजनों ने बताया कि उन्हें बाहर के एक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराने को कहा गया है। दूर से आने के कारण संबंधित सेंटर तक पहुंचने में कठिनाई है। यह हाल तब है जबकि मंगलवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर ने मरीजों को बाहर से दवा या कोई जांच न लिखने की हिदायत दी थी। इस बाबत जब डाॅ. जमा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जरूरी है। उन्हीं को लिखा जा रहा है। हमने पर्चे पर किसी प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर का नाम नहीं लिखा है। मरीज चाहे तो ओपेक चिकित्सालय कैली जाकर अल्ट्रासाउंड करा सकता है।
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बोले एसआईसी
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि स्थिति सामान्य हो रही है। सभी चिकित्सकों को बाहर से दवा न लिखने की हिदायत दी गई है। सभी दवाएं चिकित्सालय में उपलब्ध हैं। यदि कोई दवा जो जीवन के लिए जरूरी है और अस्पताल में नहीं है तो उसे बाहर से खरीदवाया जाएगा।

कमिश्नर अखिलेश सिंह ने मेडिकल कालेज का किया निरीक्षण।

कमिश्नर अखिलेश सिंह ने मेडिकल कालेज का किया निरीक्षण।

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