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Basti News: अवकाश के दिन जांच को भटकते हैं मरीज, नाम मात्र की इमरजेंसी

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जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर।
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बस्ती। गर्मी बढ़ने के कारण उल्टी-दस्त, पेट में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक कुल 65 मरीज आए, जिनमें से 25 को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। इन मरीजों की हालत अधिक खराब होने के कारण भर्ती करना पड़ा। डॉक्टर की निगरानी में इन सभी का इलाज शुरू किया गया है। ऑनकॉल बतौर जनरल फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी रहे।
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रविवार का अवकाश होने के चलते ओपीडी की सेवा बंद रहती है। ऐसे में मरीजों की भीड़ सीधे इमरजेंसी में बढ़ जाती है। मरीजों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। सुबह से ही उल्टी-दस्त के मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हुआ तो शाम तक थमने का नाम ही नहीं लिया। सचिन 36, शिवांगी 23, रामजियावन 65, सुमित 37, सूरज 26 को उल्टी-दस्त की शिकायत पर भर्ती किया गया। पेट में इंफेक्शन की भी शिकायत हुई। वहीं, अन्य चोटिल व सामान्य मरीज आए जिनकी जांच नहीं हो पाई। किसी को सीटी स्कैन तो किसी को एक्स-रे तो किसी को अल्ट्रासाउंड करवाना था, जो नहीं हो पाया। मजबूर होकर लौट गए। बताया गया कि ब्लड जांच हुई, मगर अन्य जांच एक्स-रे न होने से लोग निराश हुए। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक डॉ. सागर आजाद की निगरानी में तो दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक डॉ. विजय वर्मा की निगरानी में मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। चिकित्सक ने बताया कि गर्मी व उमस बढ़ने से लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे मौसम में पानी की कमी न होने पाए, इसका ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। जरूरी जांच जैसे ब्लड की सुविधा दी गई। वहीं, कई मरीजों को प्राथमिक उपचार मिला, उन्हें दूसरे दिन ओपीडी में दिखाने के लिए बोला गया। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद ने बताया कि जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवा संचालित रहती है। ब्लड जांच, एक्स-रे इमरजेंसी में कराया जाता है। सीटीस्कैन, अल्ट्रासाउंड व दवा काउंटर रविवार को बंद रहता है।

पांच मरीज हॉयर सेंटर रेफर

इमरजेंसी में रविवार को शाम पांच बजे तक 65 मरीज आए, जिनमें से पांच मरीजों को हॉयर सेंटर मेडिकल कॉलेज बस्ती में रेफर किया गया। इनमें सड़क हादसे में घायल दो मरीजों के अलावा दो को सांस लेने में तकलीफ थी। वहीं एक मरीज को ऑन रिक्वेट के आधार पर रेफर किया गया। शेष इमरजेंसी व मेडिकल वार्ड में उपचार करवा रहे हैं।
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महिला अस्पताल में सिर्फ 10 मरीज ही आए
जिला महिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक सिर्फ 10 मरीज आए। सात भर्ती हुईं। इसमें से तीन ऐसी महिलाएं थी जिन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी। भर्ती कर ग्लूकोज चढ़ाते हुए उपचार किया गया और भेज दिया गया। चार गर्भवती भर्ती हुईं, जिसमें से एक का ऑपरेशन से प्रसव कराया गया, तीन प्रसव नॉर्मल हुए। परिजनों के अनुसार, प्रसव से पहले जो जांच चिकित्सक ने कराई वह अंदर नहीं हो सकी। बाहर से ब्लड, अल्ट्रासाउंड जांच हुई। दवाएं भी बाहर से लेनी पड़ी। सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक 12 घंटे डॉ. अनीता वर्मा ने ड्यूटी की। जिला महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड एवं ब्लड जांच नहीं होने से मरीजों को परेशानी हुई। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इमरजेंसी में जितनी सुविधा होती है मरीजों को दी जा रही है।

अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संचालित हो रही हैं। कोशिश होती है कि सभी मरीज रिकवर हो जाएं, रेफर तभी होते हैं जब मरीज गंभीर हो जाता है। ओपीडी बंद रहती है। इमरजेंसी में दवाएं रहती हैं कि मरीज को उपचार किया जा सके।
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डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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