प्रदेश में जंगलराज शुरू हो गया है। हत्या, डकैती, बलात्कार, अपहरण, लूट जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस, अधिकारियों और कर्मचारियों की पिटाई हो रही है और उन्हें अपमानित किया जा रहा है। भाजपा के अनुषांगिक संगठनों ने कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में ले लिया है। यह कहना है सपा नेताओं का।
सोमवार को प्रदेश कि खराब कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। आपराधिक घटनाओं की खुलासे और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को भेजा। ज्ञापन में कहा है कि भाजपा सरकार के दो माह में ही सहारनपुर में तीन बड़ी घटनाएं हुईं। मथुुरा में डकैती, हत्या, जेवर क्षेत्र में चार महिलाओं से गैंगरेप, हत्या, वाराणसी में 10 करोड़ की डकैती के अलावा खुद मुख्यमंत्री के क्षेत्र गोरखपुर में हत्याएं व इलाहाबाद में सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाएं हुईं। प्रदेश सरकार बढ़ती घटनाओं को रोकने में विफल रही है।
आरोप लगाया कि प्रदेश में जाति और संप्रदाय के नाम पर भेद किया जा रहा है।
राज्यपाल से मांग की गई है कि ऐसी सरकार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए जिससे बिना राग द्वेष कानून का राज कायम हो सके। बस्ती की घटनाओं पैकोलिया के जीतीपुर में मासूम के हत्या, खीरीघाट के भटोलवा निवासी जगदीश की हत्या, वाल्टरगंज में खरहरा शुक्ल में युवती के हत्या, सरयू नहर कॉलोनी में युवती की हत्या, माली टोला में महिला को जलाने से मौत आदि घटनाओं में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव, अयाज अहमद, फूलचंद्र श्रीवास्तव, जगदीश अग्रहरि, सुरेश यादव, घनश्याम, धर्मराज यादव, मो. सलीम, अनिल निषाद, पूर्व विधायक रामललित चौधरी, सिद्धार्थ सिंह, रामकिशुन चौधरी, शिरोमणि पाल, शेख सलाउद्दीन, मो. शकील, एबादुल हक, तारिक अदील आदि लोग शामिल रहे।