परिषदीय स्कूलों में प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में सहायक अध्यापक बनने के लिए जिले के 15,928 अभ्यर्थी 15 अक्टूबर को 16 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन और डीआईओएस स्तर पर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। प्राइमरी स्कूल के लिए प्रथम पाली में सुबह दस से 12 बजे तक और जूनियर स्कूल के लिए दूसरी पाली में ढाई से पांच बजे तक परीक्षा होगी।
इन केंद्रों पर होगी परीक्षा
सक्सेरिया इंटर कॉलेज में प्राइमरी के 650 जूनियर के 650, बाबूराम जय जय राम इंटर कॉलेज महुडर, पटखौली में प्राइमरी के 700 जूनियर के 700, बेगम खैर इंटर कॉलेज में प्राइमरी और जूनियर के 600-600, राजकीय इटर कॉलेज में 600-600, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में 600-600, हंसराज लाल इंटर कॉलेज गनेशपुर में 1000-1000, किसान डिग्री कॉलेज में 600-600, किसान इंटर कॉलेज मरहा, कटया में 700-700, महिला डिग्री कॉलेज में प्राइमरी के 340 और जूनियर के 500, इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज कप्तानगंज में जूनियर के 400, नेशनल इंटर कॉलेज हर्रैया में जूनियर के 500, श्रीकृष्ण गर्ल्स इंटर कॉलेज में जूनियर के 188 और किसान इंटर कॉलेज बस्ती में जूनियर स्कूल में सहायक अध्यापक बनने के लिए 500 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे।
37 मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी परीक्षा
परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए पांच सेक्टर और 32 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सक्सेरिया इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज बस्ती और कृषक इंटर कॉलेज बेलाड़ी में एसडीएम रुधौली कीर्तिप्रकाश भारती को सेक्टर मजिस्ट्रेट, किसान इंटर कॉलेज मरहा कटया, इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज कप्तानगंज व नेशनल इंटर कॉलेज हर्रैया में एसडीएम हर्रैया दिनेश कुमार, श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज, श्रीमती कृष्ण गर्ल्स इंटर कॉलेज व बाबूराम जय जय राम इंटर कॉलेज महुडर, पटखौली में एसडीएम हरीशचंद्र सिंह, खैर इंटर कॉलेज, सक्सेरिया इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एसडीएम सुरेशचंद्र शर्मा और बेगम खैर इंटर कॉलेज, महिला डिग्री कॉलेज और हंसराज लाल इंटर कॉलेज गनेशपुर में सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किए गए हैं। इसी तरह प्रत्येक सेंटर पर दो-दो स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं।
बीएड या बीटीसी का मूल अंक पत्र लाना अनिवार्य
फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से प्रवेश-पत्र, कोई भी आईडी और सबसे अधिक महत्वपूर्ण बीएड और बीटीसी के अंतिम वर्ष का अंक पत्र लाना अनिवार्य होगा। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इनमें अगर एक भी अभिलेख नहीं लाया गया तो परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।