बहु प्रतीक्षित मुंडेरवा शुगर मिल का शिलान्यास 12 जनवरी को 12 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगी। कार्यक्रम की सफलता के लिए पार्टी के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश सरकार ने सत्ता के बाद प्रथम बजट में ही 375 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया था। रविवार को सांसद हरीश द्विवेदी और सदर विधायक दयाराम चौधरी ने प्रेसवार्ता में बताया कि करीब एक लाख की भीड़ जुटने का अनुमान है।
बताया कि मुख्यमंत्री अन्य योजनाओं की सौगात भी बस्ती जनपद को देंगे। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि मुंडेरवा शुगर मिल का शिलान्यास शहीद किसानों को सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता की कमान संभालते ही बस्ती वासियों को अनेक तोहफे दिए जिसमें सबसे महत्वपूर्ण मुंडेरवा शुगर मिल का शिलान्यास 12 जनवरी को होगा। सांसद ने कहा कि सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में जिले की तीन मिलों को बंद किया और यहां के किसानों को बदहाली के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉलीटेक्निक में मिल को चालू करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने भी पूरा करने का भरोसा दिया था।
सदर विधायक दयाराम चौधरी ने कहा कि बस्ती जनपद के किसानों का प्रमुख व्यवसाय और आमदनी का साधन गन्ना है। पिछली सरकारों ने अपने को नीतियों के चलते यहां के किसानों को बेरोजगार बनाने का कार्य किया है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय को दोगुना की जाए। इसी क्रम में मुंडेरवा मिल का शिलान्यास हो रहा है। मुंडेरवा शुगर मिल बंद होने के बाद कई वर्षों तक किसानों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा आंदोलन और संघर्ष होता रहा। आंदोलन में जनपद के तीन किसान शहीद भी हो गए। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी किसानों की सुधि नहीं ली। मुख्यमंत्री किसानों की व्यथा से परिचित हैं। नहीं चलेगी बस्ती शुगर मिल
बस्ती शुगर मिल के सवाल पर सांसद हरीश और विधायक ने कहा कि सपा सरकार के समय ही निजी क्षेत्र की इस चीनी मिल का लाइसेंस रद कर दिया गया था। हम लोग भी कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए हैं। अभी तक उनके बकाए वेतन व अन्य देय का भुगतान नहीं किया गया है। चीनी मिल की परिसंपत्तियों की नीलामी के बाद कर्मचारियों का भुगतान करा दिया जाएगा।
नहीं बंद होने देंगे वाल्टरगंज चीनी मिल
सदर विधायक दयाराम चौधरी ने एक सवाल में कहा कि वाल्टरगंज चीनी मिल प्रबंधन जानबूझकर भुगतान का संकट पैदाकर रहा है।चीनी के दम पर लोन लेकर प्राप्त रकम दूसरे प्रोजेक्ट में लगा दिया। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चीनी मिल पर किसानों के बकाये पर बात हुई है। जिसमें पिछले बकाये का 40 प्रतिशत और नए का भुगतान 60 प्रतिशत होता रहेगा। इसे लेकर चीनी मिल प्रबंधन पर केस भी दर्ज हो चुका है। किसानों के हिसाब के बाद ही आगे कुछ होने दिया जाएगा। मिल तो चलानी ही पड़ेगी।