खाद्य पदार्थ पकाने के बाद बचा तेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
न करें दोबारा इसका इस्तेमाल, बचे तेल से बनेगा बॉयोडीजल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे तेल को खरीदने के लिए एक कंपनी को किया अधिकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दुकान या घर में पकवान बनाने के बाद कड़ाही में बचे तेल का दोबारा इस्तेमाल न करें। एक बार इस्तेमाल में आ चुके तेल का दोबारा उपयोग आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसे अलग रखकर इसे बेचा जा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसके लिए जिले में एक कंपनी अधिकृत की है। कंपनी पिछले दो महीने में करीब दो सौ लीटर तेल की खरीददारी कर भी चुकी है।
कंपनी इसका इस्तेमाल बॉयोडीजल बनाने के लिए करेगी। कंपनी के प्रतिनिधि ऐसे तेल को खरीदने के लिए समोसा, पकौड़ी आदि बनाने वाले दुकानदारों से संपर्क कर रहे हैं। इससे एक तरफ जहां कंपनी को फायदा होगा, तो वहीं दूसरी तरफ लोगों की सेहत भी दुरुस्त रहेगी और आमदनी भी होगी। फिलहाल कंपनी 25 रुपये लीटर के हिसाब से रकम दे रही है। अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव बताते हैं कि कंपनी की ओर से अब तक दो सौ लीटर कड़ाही में बचने वाले तेल की खरीददारी की गई है। इसके बदले में दुकानदारों को 25 रुपये लीटर के हिसाब से रकम दी जा रही है।
कई बार प्रयोग से हानिकारक हो जाता है तेल
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि बचे हुए तेल का इस्तेमाल यानि तेल का बार-बार गर्म होना। एक से अधिक बार गर्म किए जाने पर इसके एंटीऑक्सीडेंट और अन्य लाभकारी तत्व नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में तेल हानि पहुंचाना शुरू कर देता है। इसका प्रयोग करना सेहत ही नहीं त्वचा के लिए भी हानिकारक होता है। बार-बार गर्म किए जाने पर तेल के अणु तेजी से जुड़ते हैं और वह गाढ़ा हो जाता है। इस प्रकार का तेल हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (चर्बी) के रूप में शरीर के अंगों में जमा हो जाता है। इससे मोटापा भी बढ़ाता है।
- अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव बताते हैं कि शहर के पुरानी बस्ती में कंपनी ने अपना ऑफिस खोला हुआ है, कोई भी इच्छुक व्यक्ति यहां संपर्क कर बचे हुए तेल को बेंच सकता है। तेल महीने का 30 लीटर से कम नहीं होना चाहिए। किसी तरह की असुविधा होने पर इच्छुक व्यक्ति उनके कार्यालय पर संपर्क कर सकता है।