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नदी की कटान देखने पहुंचे अधिकारी

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बांध पर पहुंचे अभियंता। - फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। वीएल (विक्रमजोत-लोलपुर) तटबंध के केशवपुर और रानीपुर कठवनिया में घाघरा का जलस्तर घटते ही कटान बढ़ गया है। शुक्रवार को हर्रैया एसडीएम और तहसीलदार ने मौके का जायजा लिया। गांव के लोगों से समस्याओं की जानकारी ली।        
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विक्रमजोत विकास खंड में फोरलेन से सटे केशवपुर, रानीपुर कठवनिया में घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। शुक्रवार दोपहर एसडीएम एसपी शुक्ला व तहसीलदार मो. जसीम ने हालात का जायजा लिया। जनपद की सीमा से सटे नदी किनारे बसे रानीपुर कठवनियां नदी में समा रही खेती योग्य भूमि का आकलन किया। 15 घरों के गांव से घाघरा नदी की मुख्य धारा सट गई है। यहां कटान रोकने के लिए बांध या कटर भी नहीं बने हैं। इसके बाद अधिकारी केशवपुर गांव पहुंच कर वहां पर बाढ़ के समय होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। नदी के किनारे के वाशिदों व पशुओं के चारे व रखरखाव के हालात की जानकारी ली है। पुलिस चौकी घघौवा पहुंच कर वहां पर नदी किनारे गश्त बढ़ाने व हालात की जानकारी के बारे में निर्देश दिया।        
एसडीएम एसपी शुक्ला ने बताया कि डीएम डॉ. राजशेखर के निर्देश पर केशवपुर व नदी किनारे बसे कटान प्रभावित गांव रानीपुर कठवनियां और कट रही खेती योग्य भूमि का आकलन किया गया है। बाढ़ खंड के कर्मचारियों और अधिकारियों से बात कर जनपद की सीमा पर एक स्पर बनाने की बात की गई है। जल्द ही काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
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भुगतान नहीं तो तटबंध मरम्मत का काम बंद

दुबौलिया/बस्ती। घाघरा नदी पर बने वीडी (विक्रमजोत-धुसवा) बांध के कटरिया-चांदपुर तटबंध का हालत दो किलोमीटर तक खराब है। पिछली बार बाढ़ और कटान की जद में आने से दो किलोमीटर तक बांध जर्जर हो गया। इस बार अभी तक बोल्डर ही नहीं मंगाया जा सका है। जिसे गांवों में दहशत है तो ठेकेदार भुगतान के बगैर काम नहीं करने की धमकी दे रहे हैं।
 घाघरा नदी खतरे के बिंदु के करीब पहुंच कर बृहस्पतिवार रात घटने लगी है। जलस्तर घटने से अति संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर नदी का दबाव बढ़ गया है। बाढ़ खंड के लोग बोरियों में मिट्टी भर कर तटबंध के दबाव वाले स्थानों पर डालकर सुरक्षित करने में लगे हैं। शुक्रवार दोपहर जायजा लेने पहुंचे बाढ़ खंड के मुख्य अभियंता अशोक सिंह, अधीक्षण अभियंता अवनीश साहू को ठेकेदारों के आक्रोश का सामना करना पड़ गया। काम करा रहे ठेकेदार ने दोनों अधिकारियों को घेरकर जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की। ठेकेदारों का कहना था एक तो बकाया भुगतान भी नहीं हो रहा है दूसरे जब से काम चालू है नए कामों का भी भुगतान नहीं मिला है। पूंजी है नहीं। ग्रामीणों का डर भी रहता है। फिर भी हम लोग यहां पर काम करा रहे हैं। चारों तरफ से घिरते देखकर मुख्य अभियंता ने कहा भुगतान के लिए मैं सक्षम अधिकारी नहीं हूं। ठेकेदारों के बंद करने की धमकी पर कहा अगर आप लोगों को काम बंद करना हो तो बंद कर दीजिए। तटबंध कटता है तो कटने दें। पेमेंट के लिए मैं अभी कुछ नहीं कर सकता। गुस्साए ठेकेदार ने कहा कि अभी से ही काम बंद कर देंगे, जिसके कारण मरम्मत का काम ठप हो गया। मामला बढ़ते देखकर थोड़ी ही देर बाद अधिकारी समझाने-बुझाने पर उतर आए। जिसके बाद काम शुरू हो सका। लेकिन ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि भुगतान नहीं तो काम भी नहीं कराया जाएगा।  दोपहर दो बजे पहुंचे क्षेत्रीय विधायक के प्रतिनिधि सुनील पाण्डेय ने कहा कि जल्द ही विधायक मुख्य मंत्री से वार्ता कर भुगतान दिलाएंगे। 

ठोकर नंबर तीन के पास कटान शुरू 
घटती घाघरा भीषण कटान करती है। बृहस्पतिवार रात से जलस्तर घटते क्रम में कटान बढ़ गया है। कटरिया चांदपुर तटबंध के ठोकर (स्पर) नंबर तीन के पास कटान चल रहा है। पानी की बैकरोलिंग खत्म करने के लिए बाढ़खंड के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता ने पेड़ों को काटकर डालने को कहा। तटबंध पर दबाव वाले स्थानों पर बोरियों में मिट्टी भर कर कैरेट बना कर व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। इस दौरान अधिशासी अभियंता डीके त्रिपाठी, एसडीओ जितेंद्र कुमार, बब्लू शुक्ला, शिवा नन्द शुक्ल, परशुराम सिंह, दुर्गेश कुमार मिश्रा, चतुरगुन राजभर, भगवान बक्श सिंह, अरमान सिंह, गणेश पाठक, आशुतोष सिंह, अनिल सिंह, मुन्ना तिवारी, इमरान अली आदि भी मौजूद रहे।
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