फरियादियों को न्याय दिलाने के लिए आयोजित होने वाले तहसील दिवसों का फायदा जरूरतमंदों को समय से नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते तहसील दिवसों में फरियाद करने वालों की संख्या कम होती जा रही है। खचाखच भरा रहने वाले तहसील सभागारों में अब सन्नाटा पसरा रहता है। कभी कभी तो फरियादी से अधिक अधिकारी मौजूद रहते हैं। बस्ती सदर तहसील दिवस की अध्यक्षता डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने किया।
46 अर्जी दी गई, जिसमें मौके पर मात्र पांच का ही निस्तारण हुआ। इस अवसर पर डीएम से अफसरों को कम पैराग्राफ में आख्या देने के साथ शिकायतों का निस्तारण समय से करने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसपी शैलेश पांडेय, सीडीओ अंजनी कुमार सिंह, एसडीएम राजनरायन तिवारी, तहसीलदार मोहम्मद जसीम, एनटी अमरचंद वर्मा, गिरिजेशपाल, राजेश मिश्र, पतिराम, जमील अहमद सहित अन्य मौजूद रहे।
भानपुर में आयोजित तहसील दिवस में कुल 22 लोंगो ने अपनी समस्याएं दर्ज कराई। लेकिन एक भी मामले का निस्तारण मौके पर नही हो हुआ। एसडीएम एससी शर्मा व तहसीलदार इरफान उल्लाह खान ने लोगों की समस्याएं सुनी। इस मौके पर एसडीएम ने पिछले तहसील दिवस के 22 अनिस्तारित मामलों को संज्ञान लेते हुए विकास विभाग से जुड़े बीडीओ रामनगर, सल्टौवा के साथ विद्युत विभाग, पंचायत, नलकूप, नहर व चकबंदी विभाग के अफसरों को लंबित मामले को शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एनटी आलोक प्रताप सिंह, बीडीओ रामनगर रूकमणि वर्मा, सीडीपीओ रामनगर अनिल कुमार पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
हर्रैया तहसील में कुल 41 मामले आए, जिसमें मौके पर सात का निस्तारण हुआ। राजस्व के 13, पुलिस के 10, विकास व गन्ना के पांच पांच और जलनिगम के चार मामले शामिल हैं। सीडीपीओ गौर, बीडीओ दुबौलिया व गौर, एसओ परशुरामपुर गैर हाजिर रहे।