बस्ती। सुपोषित बस्ती अभियान के तहत शनिवार को जिलेभर में नॉक द डोर कार्यक्रम चलाया गया। जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों ने गंभीर कुपोषित बच्चों के घर पहुंचकर उनके परिजनों से संवाद किया। बच्चों को दूध, केला, सत्तू, अंडा और चिक्की आदि से तैयार पोषण पोटली दी गई। परिवारों को निर्धारित डाइट चार्ट के अनुसार बच्चों को पौष्टिक और संतुलित आहार देने की सलाह दी गई।
डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना और एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने सल्टौआ के कोठिली गांव में दो गंभीर कुपोषित बच्चों प्रियांशी और विनय के घर पहुंचकर पोषण पोटली दी। इस दौरान डीपीओ राजेश कुमार मौजूद रहे। सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने विक्रमजोत की ग्राम पंचायत खानकला में मोहम्मद, रिषभ और शैलेश के घर पहुंचकर पोषण पोटली वितरित की और उनके परिजनों को बच्चों के खान-पान की जानकारी दी।
डीडीओ सुशील श्रीवास्तव ने जिनवा, पीडी डीआरडीए आनंद गुप्ता ने मधवापुर, बीएसए अनूप तिवारी ने हसनापुर, डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बासापार, डीएओ डॉ. बाबूराम मौर्य ने कोढ़ियापुर और डीएचओ अरुण त्रिपाठी ने जगतापुर पहुंचकर चिह्नित बच्चों के परिवारों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराई। बीडीओ और उनकी टीमों ने भी विभिन्न ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर परिवारों से संपर्क किया।
डीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि अभियान का पहला चरण जून 2026 में शुरू हुआ था। सितंबर में शुरू हुए दूसरे चरण में 2250 गंभीर कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन बच्चों को अभियान के तहत पोषण सामग्री और जरूरी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।