न्यायालय गेट पर अधिवक्तओं ने किया प्रदर्शन।
19वें दिन भी जारी रहा कार्य बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन
सरकार की नाकामियों के चलते हो रहे अधिवक्ताओं पर हमले
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हापुड़ घटना को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन सोमवार को 19वें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकरियों ने कहा कि जघन्य घटनाओं पर सरकार की चुप्पी अब सबको चुभने लगी है। हापुड़ घटना के लिए सीधे तौर पर नौकरशाह जिम्मेदार हैं। उन पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार चुप्पी साधकर मामले को और अधिक बढ़ाना चाह रही है।
सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री शशि प्रकाश शुक्ला ने कहा कि समाज में अधिवक्ता की पहचान न्याय दिलाने वाले व्यक्ति के रूप में है। मौजूदा सरकार की नाकामियों के चलते कुछ सालों में अधिवक्ताओं पर हमले बढ़ गए हैं। आए दिन प्रदेश में कहीं न कहीं अधिवक्ता पर हमले हो रहे हैं। अधिवक्ताओं पर हो रहे अत्याचार को देखकर आमजन भी सहम जाता है। सरकार घटनाओं के दुष्परिणाम और आमजन पर पड़ने वाले असर से अनभिज्ञ बन रही है।
पूर्व अध्यक्ष बद्री प्रसाद दुबे ने बताया कि हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए हमले के बाद भी अफसरों की जिम्मेदारी सरकार ने तय नहीं की। सरकार न तो अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना चाहती है और न ही अधिवक्ताओं पर हो रहे अपराधों को कम करने की दिशा में कोई कदम बढ़ाना चाहती है। सिविल बार के महामंत्री शिव पूजन मिश्र ने कहा कि सरकार की चुप्पी के कारण अधिवक्ताओं में रोष है। इस मौके पर उपेंद्र नाथ दुबे, प्रदीप पांडेय, शिवकांत तिवारी, संजीव भट्टाचार्य, कृष्ण मोहन उपाध्याय, विजय तिवारी, अरविंद चौधरी, अरविंद नरायण पांडेय, अनुपम मिश्रा आदि मौजूद रहे।