बस्ती। 27 नवंबर से कारागार में निरुद्ध निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम को अब भी सामान्य बंदी की तरह बैरक नंबर नौ में ही रखा गया है। इधर, धीरे-धीरे कुछ बंदियों से उसकी बातचीत होने लगी है। हालांकि, अधिकतर समय वह अपनी बैरक में टहल कर गुजार रहा है।
इधर तीन -चार दिनों से उसके कुछ मुलाकाती आने लगे हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक अपूर्वव्रत पाठक ने बताया कि मंगलवार को विचाराधीन बंदी घनश्याम शुक्ल के तीन रिश्तेदार मिलने आए थे। इनमें एक महिला थी। जेल मैनुअल के मुताबिक उनकी मुलाकात कराई गई। इससे पहले भी कुछ रिश्तेदार और हितैशी मिलने आए थे। विचाराधीन बंदी घनश्याम को बैरक नंबर नौ मुलाहिजा बैरक में रखा गया है। यह एक तरह की क्वारंटीन बैरक है, जहां बाहर से आने वाले नए बंदियों काे 10 दिन तक रखा जाता है।
प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि अवधि पूरी होने पर उसे दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया जाएगा। 20 बंदियों की क्षमता वाली जिस बैरक में घनश्याम को रखा गया है उसमें 18 अन्य बंदी भी हैं। बता दें कि शुरुआत के दो-तीन दिन तक आरोपी बाकी बंदियों से दूरी बनाकर रखता था। बंदी भी उससे ज्यादा घुलना-मिलना नहीं चाहते थे।