बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में बजट उपलब्ध होने के बावजूद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान न किए जाने के मामले में जिम्मेदार लिपिक पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। प्रकरण की जानकारी होने पर मंडलायुक्त वैभव श्रीवास्तव ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ डॉ. राजीव निगम को तलब किया। इसके बाद सीएमओ ने बड़े बाबू प्रेम बहादुर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सप्ताहभर में जवाब मांगा है। साथ ही उनका पटल बदल दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग में टेंडर की करोड़ों रुपये की फाइल से जुड़ा मामला अभी चर्चा में ही था कि आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय भुगतान में लापरवाही का एक और मामला सामने आया। आरोप है कि संबंधित लिपिक ने भुगतान से जुड़ी पत्रावली और बिल नवागत पटल सहायक को समय से उपलब्ध नहीं कराए। इससे बजट उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों का मानदेय समय से जारी नहीं हो सका।
सीएमओ की ओर से जारी नोटिस में लिपिक से पूछा गया है कि संबंधित पटल सहायक को पत्रावली अब तक उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई। साथ ही 27 जुलाई को स्टेट बजट से करीब 70 लाख रुपये मिलने के बाद भी कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान क्यों नहीं किया गया, इसका भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में सप्ताहभर के भीतर स्पष्ट जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि बजट से जून तक के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है। जुलाई का बिल विलंब से तैयार हुआ है, जिसका भुगतान किया जा रहा है। वहीं, फरवरी और मार्च 2025 के पुराने भुगतान तकनीकी कारणों से लंबित हैं। इसके लिए शासन स्तर से मार्गदर्शन मांगा गया है।
जनपद में विभिन्न पदों पर 78 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। मानदेय में देरी होने पर कर्मचारियों ने हाल ही में सीएमओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया था और विरोध जताया था। इसके बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया।
कोट
स्टेट बजट से 70 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जून तक का भुगतान कर दिया गया है। तीन माह का भुगतान अभी लंबित है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। संबंधित लिपिक का पटल बदल दिया गया है।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।