हजार पांच सौ के पुराने नोट बंद होने के बाद से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। नोटबंदी के 23 दिन बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में खाताधारक रकम निकालने के लिए बैंक के बाहर सुबह से ही लाइन में लगे रहे, पर अधिकतर जगहों पर उन्हें निराशा हाथ लगी। एटीम भी खाली होने वे लोग मायूस हो गए। पूर्वांचल बैंक की टिनिच शाखा में रकम निकालने आया एक शख्स भीड़ के कारण बैंक गेट के चैनल में फंस कर चोटिल हो गया।
टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार पूर्वांचल बैक की शाखा टिनिच में बृहस्पतिवार को भी उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रही। बदहाल व्यवस्था के चलते कमजोर व विकलांगों को भी रकम नहीं मिल पा रही है। लाइन में लगे पल्टू नामक व्यक्ति का भीड़ के चलते बैंक गेट के चैनल में हाथ फंस गया और चोटिल हो गए। लाइन में लगे तुलसीराम अपने पिता बसंत को दो दिन से बैंक लेकर रकम निकालने के लिए आ रहा है,मगर रकम नहीं मिल पा रही है।
बभनान प्रतिनिधि के अनुसार नोट किल्लत के बाद डाकघर गौर से भुगतना नहीं हो पा रहा है। । इटबहरा निवासी मनोज सिंह सहित कई ने प्रधान डाक अधीक्षक को शिकायती पत्र भेज कर शीघ्र रकम वितरण किए जाने की मांग की है। यहां से 22 दिनों में मात्र पचास हजार का भुगतान किया गया है। पोस्ट ऑफिस से जुड़े उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए क्षेत्र के मनोज सिंह के नेतृत्व में रामू, आदित्य जायसवाल, संदीप, मुकेश कुमार, अजय सिंह, दयाराम, राधेश्याम, पेशकार आदि ने प्रधान डाक अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजा है। उप डाक पाल गौर श्रीराम ने बताया कि 23 दिनों मात्र पचास हजार का भुगतान मिला है जिसे बांट दिया गया। जैसे -जैसे रकम मिलती है कि उसे उपभोक्ताओं में वितरण कर दिया जाता है।
परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक गोपीनाथपुर में बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से ग्राहकों ने बैंक के सामने लाइन लगा ली। बैंक खुलने पर करीब एक घंटा भुगतान करने के बाद मैनेजर ने कैश खत्म होने की बात कह कर भुगतान रोक दिया। ग्राहक लाइन मे खड़े रहे। लोगों का कहना है कि दिन मे लगभग ढाई बजे कैश वैन आई। इसके बाद भी शाखा प्रबंधक ने भुगतान देने से इनकार कर दिया। शाखा प्रबंधक के व्यवहार से ग्राहकों मे नाराजगी है। अमरपाल वर्मा ,शिवप्रसाद, राजेश तिवारी ,बेचू वर्मा ,गीता देवी, सोमलता, सरोज, सुशीला, मथुरा आदि ने बताया कि चार दिन से वे लोग लाइन लगा रहें है। जब बैंक के अंदर पहुंचते है, तो कह दिया जाता है कि कैश समाप्त हो गया। नाराज उपभोगताओं ने बैंक के गेट पर बैंक कर्मियो के खिलाफ नारे बाजी की।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार लोग रकम के लिए सुबह से ही सेंट्रल बैंक लालगंज के बाहर लाइन में खड़े हो गए। लोईयाभारी निवासी महिला ने अपने कैंसर पीडित पति के इलाज के लिए मैनेजर से गुहार लगाई तो मैनेजर ने महिला का पहचान पत्र लेकर एक दुकानदार से दस हजार रूपया जमा करवा कर उसको भुगतान किया।