नगर निकाय चुनाव के लिए बने बूथों पर मतदाताओं और कर्मचारियों के लिए जरूरी सुविधाएं भी सुलभ नहीं हैं। चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद कोई खास व्यवस्था नहीं की जा सकी है। कई बूथों पर पहुंचने के लिए मतदाताओं को ही नहीं मतदान कर्मियों को भी झेलना पड़ेगा।
बभनान नगर पंचायत में कुल 11 वार्ड हैं। जहां नौ मतदान केंद्रों के 14 बूथों पर 22 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मतदेय स्थलों की पड़ताल की जाए तो बदहाल शौचालय, कमरों की टूटी फर्श के साथ ही पीने के प्रदूषित पानी की मजबूरी होगी। कई बूथों पर विकलांग मतदाताओं के लिए बने रैंप क्षतिग्रस्त हैं। इसके विपरीत प्रशासन का दावा है कि सभी बूथों पर शत-प्रतिशत सुविधाएं उपलब्ध हैं। रविवार को मतदान केंद्रों की स्थिति की पड़ताल में खामियां ही खामियां मिली हैं। वार्ड संख्या चार भगत सिंह नगर के प्राथमिक विद्यालय प्रथम पर दिव्यांगों के लिए बना रैंप और फर्श ध्वस्त है। इंडिया मार्क हैंडपंप खराब है तो बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यालय के बगल में कूड़ा पसरा है। प्रधानाध्यापक शैलकुमारी ने बताया कि हैंडपंप और कूड़ा करकट के लिए कई बार कहा गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वार्ड संख्या आठ बागेश्वर नगर के कन्या जूनियर हाई स्कूल पश्चिम की स्थिति भी ठीक नहीं है। विद्यालय में बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय बना लेकिन गड्ढे का निर्माण नहीं कराया गया। इससे उपयोग लायक नहीं है। वार्ड पांच शक्ति नगर के प्राथमिक विद्यालय भटहा हाता में सब कुछ तो ठीक है लेकिन यहां पहुंचने के लिए कच्ची सड़क ही है। प्रधानाध्यापिका दुर्गावती वर्मा ने बताया कि पिछले कई चुनाव बीत गए। मगर शासन ने बूथ तक सड़क बनवाने की जहमत नहीं उठाई। मतदाता सुविधाओं के बारे में एसडीएम हर्रैया दिनेश कुमार का कहना है कि सभी बूथों पर पानी, बिजली, शौचालय एवं साफ-सफाई के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी बूथ पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लगातार बूथों का निरीक्षण किया जा रहा है।