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बैड़ा समय माता के दरबार से कोई नहीं जाता खाली

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समय माता मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। - फोटो : BASTI
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बैड़ा समय माता के दरबार से कोई नहीं जाता खाली
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सबकी मुरादें पूरी करती हैं बैड़ा समय माई
नीम के पेड़ के नीचे श्रद्धालु लगाते हैं अर्जी
बस्ती। जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर भानपुर के जोगिया सिवान स्थित बैड़ा समय माई के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता। मान्यता है कि समय माई सबसी मुरादें पूरी करती हैं।
नवरात्रि पर्व पर दूर से दूर से श्रद्धालु माई के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। यहां स्थित नीम के पेड़ के नीचे लोग अपनी अर्जी लगा रहते हैं। मनोकामना पूरी हो जाने पर भक्त घंटी आदि माई के दरबार में अर्पित करते हैं। हालांकि कोविड-19 के चलते पिछले बार की अपेक्षा इस बार यहां कम लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन माई के दरबार की शोभा में कोई कमी नहीं आई है। यहां बज रहे देवी गीत लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कुछ लोग बच्चों का मुंडन संस्कार कराने आ रहे हैं तो कुछ कथा सुनकर देवी के प्रति आस्था दरसाते रहे हैं। मंदिर के पुजारी वशिष्ठ राम मणि त्रिपाठी कहते हैं कि इस स्थल पर करीब सौ वर्ष से पूजा होती चली आ रही है। पिछले तीन दशक से यहां पर भक्तों का आना-जाना काफी अधिक हो गया है। सप्ताह में मंगलवार को यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए आते हैं।
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‘30 साल पहले था प्रतीक स्थल’
मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा पंकज बताते हैं कि बैड़ा समय माई का स्थान 30 साल पहले एक प्रतीक स्थल मात्र था। नीम के पेड़ के नीचे श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने की अर्जी लगाते हैं। 1993 में सोनहा थाने के तत्कालीन थानेदार सरोज सिंह ने समय माता स्थल के विकास के लिए पहल शुरू की। अब यहां पर बस्ती के साथ-साथ पड़ोसी जिले के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
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