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रोटावेटर में फंसकर टुकड़े हुआ निरंकार

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रोटावेटर में फंसकर हुई थी निरंकार की मौत
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पैकोलिया (बस्ती)। क्षेत्र के बेलसड़ निवासी निरंकार का हाथ-पांव किसी ने काटा नहीं था बल्कि जुताई करते समय ट्रैक्टर के रोटावेटर में फंसने के कारण शरीर के टुकड़े हुए। पास के मझौआ चौधरी गांव निवासी उदयभान के ट्रैक्टर से छट्ठी प्रसाद के खेत की जुताई करते समय घटना हुई। उस वक्त ट्रैक्टर उदयभान चला रहा था, जिसका भतीजा भी निरंकार के साथ ट्रैक्टर के बोनट पर बैठा था। खेत में जुताई कराने पहुंची छट्ठी प्रसाद की पत्नी पूनम ने तीनों को ट्रैक्टर पर बैठे देखा था मगर कुछ देर बाद निरंकार बोनट पर नहीं दिखा। जुताई का दो सौ रुपये उदयभान को देकर वह भागकर अपने घर चली गई। सीओ हर्रैया एसएन सिंह से पूनम ने बताया कि उसने रोटावेटर में निरंकार को फंसा हुआ देखा था लेकिन डर के मारे उसने किसी को कुछ नहीं बताया। मंगलवार को पुलिस ने ट्रैक्टर बरामद कर लिया। फोरेंसिक टीम ने भी ट्रैक्टर से कई नमूने लिया।
एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि उदयभान व उसके भतीजे की तलाश की जा रही है। उसके मिलने के बाद ही पता चल पाएगा कि किन हालात में निरंकार बोनट से गिरा। वह दुर्घटना वश गिरा या उसके साथ कोई साजिश हुई, इसका पता भी अभी नहीं चल सका।
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सवाल कई,जवाब नहीं
- शरीर की हालत और घटनाक्रम भले ही पुलिस सटीक बता रही है, लेकिन अभी कई सुलगते सवाल का जवाब उसके पास नहीं है। छट्ठी प्रसाद के खेत में घटना हुई तो उसकी लाश करीब ढाई किमी दूर कैसे पहुंच गई, जबकि छानबीन में पाया गया कि ट्रैक्टर भी वहां नहीं ले जाया गया। इसके अलावा निरंकार की बाइक शव मिलने के स्थान से चार-पांच किमी दूर कप्तानगंज थाने के एकटेकवा के पास किसने पहुंचाया, इसका जवाब भी अभी पुलिस के पास नहीं है।
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21 की शाम को ही हुई थी घटना
- सोमवार को दिन में थाना क्षेत्र के चुरिहारपुर गांव के पास रवई नदी के किनारे एक खेत में 22 वर्षीय निरंकार वर्मा की तीन टुकड़ों में लाश पाई गई। दायां हाथ और घुटने के नीचे पांव काट कर लाश के पास रखा था। कुछ ही देर में परिवार के लोग भी पहुंच गए और शव की शिनाख्त पैकोलिया थाने के बेलसड़ निवासी निरंकार पुत्र चंद्रभान के रूप में हुई। जो 21 दिसंबर को घर से जुताई के लिए ट्रैक्टर बुलाने की बात कहकर निकला था। कुछ देर में ही खबर आसपास फैल गई और भारी संख्या में लोग जुट गए। परिवार वालों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव देने से इनकार कर दिया। एसपी हेमराज मीणा के आश्वासन के बाद परिवार के लोग पोस्टमार्टम के लिए शव देने को राजी हुए।
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