बस्ती। जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) को लेकर प्रदेश के अति संवेदनशील जनपदों में बस्ती का भी नाम शामिल है। यहां के बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए रणनीति तैयार की गई है। इस बीमारी से निपटने के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों की भी मदद ली जा रही है। इस अभियान में सबसे अहम भूमिका निभाएंगी आशा जो हर दरवाजे पर दस्तक देकर लोगों को जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के बारे में बताएंगी।
जिले में प्रथम चरण 10 से 28 फरवरी तक चलेगा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत शिक्षा विभाग, कृषि, पशुपालन, ग्राम विकास, नगर पालिका, सूचना विभाग, दुग्ध विभाग सहित अन्य विभागों की मदद ली जा रही है। इसके तहत हर प्राइमरी स्कूल के एक टीचर को नोडल बनाया जाएगा। टीचर बच्चों सहित उनके अभिभावकों को संचारी रोगों के बारे में बताएंगे। इसी के तहत आठ फरवरी को खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में ब्लॉकस्तरीय ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की जाएगी। जहां नोडल अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सभी विभागों को लक्ष्य सहित कार्य योजना नौ फरवरी तक बताने का निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आरंभ 10 फरवरी को जन प्रतिनिधियों की ओर से किया जाएगा। 11 फरवरी को जनपद ब्लॉक व ग्राम स्तर पर जन जागरूकता रैली निकाली जाएगी।
25 फरवरी से चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य महकमे की ओर से छूटे हुए बच्चों के लिए 25 फरवरी से आठ मार्च तक विशेष अभियान चलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ फकरेयार ने बताया कि संचारी रोग के तहत दस फरवरी से 14 फरवरी तक फाइलेरिया की दवा भी दी जाएगी।