फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: दुबौलिया के ऊंजी में बनेगा नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कार्यदायी संस्था नामित

विज्ञापन
पीएचसी, ऊंजी के मेघूपुर में इसी भूमि पर बनेगा अस्पताल संवाद
विज्ञापन
बस्ती। दुबौलिया ब्लॉक के ऊंजी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के नए भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की मांग पर प्रशासन ने मेधूपुर गांव में पीएचसी के लिए भूमि उपलब्ध करा दी है। शासन स्तर से कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। संस्था की टीम भूमि का सर्वे कर चुकी है और अब भवन निर्माण का आगणन तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने पीएचसी के लिए एक एकड़ निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा था। इसके बाद सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने भूमि की जांच कराई। दुबौलिया ब्लॉक के ऊंजी के निकट मेधूपुर गांव में गाटा संख्या 54ख, रकबा 0.379 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई। भूमि श्रेणी 5-3-ड में दर्ज कृषि योग्य बंजर है। भूमि उपलब्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासन को इसकी जानकारी दी और नामित कार्यदायी संस्था यूपी पैक्सफेड को आगणन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्पताल से माझा क्षेत्र की 50 हजार से अधिक आबादी को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। ऊंजी और आसपास के गांवों में अभी नजदीक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों को उपचार के लिए पीएचसी चिलमा, पीएचसी विशेश्वरगंज और सीएचसी दुबौलिया जाना पड़ता है। कई गांवों से इन केंद्रों की दूरी 20 से 25 किलोमीटर तक है। ऐसे में माझा क्षेत्र में पीएचसी बनने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार, जांच और दवाओं की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन


30 हजार की आबादी पर होती है पीएचसी
स्वास्थ्य विभाग के मानक के अनुसार सामान्य क्षेत्रों में करीब 30 हजार की आबादी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा दी जाती है। ऊंजी क्षेत्र में 50 हजार से अधिक आबादी होने के कारण यहां पीएचसी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पीएचसी अपने क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफरल इकाई के रूप में भी काम करती है। यहां ओपीडी, बुनियादी प्रयोगशाला जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य व आपातकालीन उपचार के साथ चार से छह बिस्तरों की इनडोर सुविधा उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
-
जिले में सीएचसी-पीएचसी की स्थिति
संचालित सीएचसी : 14
संचालित पीएचसी : 39
प्रस्तावित पीएचसी : 01

बोले स्थानीय लोग
अस्पताल की लंबे समय से जरूरत थी। अब निर्माण की उम्मीद जगी है। पीएचसी बनने से माझा क्षेत्र के उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो दूर जाकर उपचार कराने में असमर्थ रहते हैं।
-राजेश यादव, नटवाजोत

पीएचसी बनने से टीकाकरण, दवा, इंजेक्शन और प्रसव जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। अभी जांच और उपचार के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
-अजय यादव, किशुनपुर
-
चयनित भूमि पर जल्द निर्माण शुरू होना चाहिए, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। अस्पताल बनने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार होगा।
-अभिनंदन सिंह, ऊंजी
-
यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अभी ग्रामीणों को उपचार के लिए सीएचसी जाना पड़ता है। पीएचसी बनने से स्थानीय स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
-प्रिंस सिंह, ऊंजी

कोटजमीन की मांग की गई थी, जो अब उपलब्ध हो गई है। कार्यदायी संस्था से आगणन तैयार करने के लिए कहा गया है। भूमि संबंधी रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी गई है।
विज्ञापन

- डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें