दीपक हत्याकांड का खुलासा : झगड़े के दौरान दीपक ने चाची को बताया था बदचलन
इसी खुन्नस में पति की सहमति से लालमती पर रॉड से वार कर हत्या करने का है आरोप
शनिवार को सोनहा थाने के कन्थुई गांव के दीपक की सोते समय हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सोनहा थानाक्षेत्र के कन्थुई निवासी दीपक चौरसिया उर्फ रामजी हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि दीपक की हत्या चरित्र पर अंगुली उठाने की वजह से की गई थी। चाचा की सहमति पर चाची पर सोते समय रॉड से प्रहार कर मौत के घाट उतार देने का आरोप लगा है। पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि हत्या के आरोपी उमाशंकर उर्फ बबलू और उसकी पत्नी लालमती को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया। एसपी ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एएसपी ने बताया कि हत्यारोपी चाची ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दीपक के परिवार से जब भी झगड़ा होता था तो वह और उसकी मां उसे बदचलन कहती थी। उसे यहां तक शक था कि दीपक चाचा का भी कान भरता है कि उसका एक व्यक्ति से संबंध है। यह बातें उसे नागवार लगीं और उसने भतीजे को मौत के घाट उतारने की ठान ली। उसने पति उमाशंकर उर्फ बबलू को भी बताया कि वह दीपक और उसकी मां को मार डालेगी।
शनिवार रात करीब दो बजे वह घर में पहले से रखे बुलेट के शॉकर का रॉड लेकर गई और दीपक के सिर में तीन वार कर दिया। सिर से खून का फव्वारा फूटने पर वह भागकर पति के पास गई और घर के अंदर कमरे में रखे बक्से के पीछे रॉड छिपाकर सो गई। पुलिस ने सोमवार को ही रॉड बरामद कर लिया था, जिस पर खून के निशान थे। उसके घर से प्लास्टिक का एक भगोना भी बरामद किया गया है, जिसमें रॉड और आरोपी महिला ने अपने कपड़े में लगा खून साफ करने का प्रयास किया था।
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संलिप्तता न मिलने पर बरी हो गए दो अन्य आरोपी
इस केस में मृतक के पिता ने अपने भाई उमाशंकर उर्फ बबलू, भयहु लालमती के अलावा राम कृपाल उर्फ दारा चौधरी और हजरत अली को भी नामजद कराया था, मगर मोबाइल फोन साक्ष्य, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और परिस्थिति-जन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि इस घटना को अंजाम देने में सबसे अहम भूमिका सिर्फ लालमती की है। उसके पति को इस पूरे मामले में जानकारी तो थी, लेकिन लालमती के तेवर के आगे वह विरोध नहीं कर पाया। उल्टे हत्या के बाद रॉड छिपाने और अन्य तरीके से उसकी मदद भी की। इस तरह पति-पत्नी को हत्यारोपी मानते हुए जेल भेजवा दिया गया। अन्य दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
हत्या के बाद बिस्तर लेकर घर के अंदर चले गए थे दोनों
लालमती ने शाम को ही पति बबलू को बता दिया था कि वह आज रात को दीपक और उसकी मां को मौत के घाट उतार देगी। इसके लिए उसने रॉड खोजकर रख लिया था। रात दो बजे वह अपने बिस्तर से उठकर दीपक के कमरे में गई और सिर पर तीन बार स्टील के रॉड से वार कर दिया। खून के छींटे दीवार और उसके साड़ी पर पड़े। जब उसे यकीन हो गया कि वह मर गया है तो भागकर पति के पास गई। इसके बाद दोनों अपना बिस्तर उठाकर घर के अंदर ले गए और खून साफ करने के बाद सो गए।
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यह थी घटना
कन्थुई निवासी राम शंकर चौरसिया के बड़े बेटे दीपक चौरसिया उर्फ रामजी का रविवार को तड़के बिस्तर पर शव पाया गया था। शनिवार रात को रोज की तरह वह बरामदे के एक किनारे स्थित अपने कमरे में सो रहा था। वह रोज सुबह चार बजे गांव के लड़कों के साथ दौड़ लगाने जाता था। राम शंकर के मुताबिक रविवार को जब वह नहीं गया तो साथ जाने वाले लड़के फोन करने लगे। फोन भी नहीं रिसीव हुआ तो करीब 4-15 बजे गांव के अंदर रहने वाला उनका चचेरा भाई श्याम सुंदर बिस्तर के पास जगाने पहुंचा। उसने दीपक को बिस्तर पर लहूलुहान पड़ा देखा था।