बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूलों में गोष्ठी आयोजित कराने की कवायद शुरू हो गई है। शनिवार को परसाजागीर प्राइमरी स्कूल में आयोजित किए गए गोष्ठी में बीएसए और बीईओ को शिक्षा की गुणवत्ता में कमियां मिली। पठन पाठन को लेकर शिक्षकों की लापरवाही खुल कर सामने आई। बीएसए ने हेडमास्टर सहित अन्य दोनों शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार बिना सूचित किए निरीक्षण होगा, कमियां मिलीं तो निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को सदर ब्लॉक के परसाजागीर प्राइमरी स्कूल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गोष्ठी का आयोजन हुआ। स्कूल में सुबह ही क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी उदयभान कुशवाहा, एबीआरसी राम शंकर पांडेय, पुष्पलता पांडेय व राजीव शरण पहुंच गए। बीएसए के आने से पहले खंड शिक्षा अधिकारी ने तीनों बीआरसी से क्लास में जाकर बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता जानने के लिए भेजा। खुद बीईओ भी क्लास में गए। तीनों बीआरसी ने जो रिपोर्ट बीईओ दी, उसमें शिक्षा का स्तर मानक के विपरीत मिला। नाराज बीईओ ने कार्रवाई करने के लिए इसकी रिपोर्ट करने का निर्देश तीनों एबीआरसी को दिया। बीएसए के आने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता का जिक्र हुआ, इस पर बीएसए ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार कमियां पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने बताया कि उन्होंने गांव वालों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सुझाव मांगे गए। इस मौके पर उन्होंने गांव वालों से स्कूल को माडल बनाने में सहयोग मांगा। इस मौके पर हेड मास्टर अख्तरूनिंशा, कुलदीप सिंह, शिवप्रसाद, संज्ञा, अनुपम पांडेय, उर्मिला मिश्र, कृष्ण कुमार, राभवन यादव, कुसलावती, रामकरन पांडेय, विश्राम, आज्ञाराम, करम हुसैन, धमेंद्र, हृदयराम, प्रकाश यादव, शिवमूरत, नंदलाल, शिवपूजन, मनिराम, आशाराम, जोखू, रामप्रसाद, रामचरित्र, दिलीप, लालचंद्र, नारद, राजनरायन यादव, राजेश पांडेय, विश्वनाथ पांडेय, जगराम और राम चिगान सहित अन्य मौजूद रहे।