संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ठंड के मौसम में जरा सी असावधानी सेहत पर भारी पड़ रही है। बुजर्गों के साथ बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जुकाम-बुखार के साथ बच्चों के सीने में जकड़न की समस्या आ रही है। सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
डॉक्टर इसे निमोनिया बता रहे हैं। अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना पांच से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। बुजुर्गों में भी यह बीमारी तेजी फैल रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में जुकाम-बुखार से आने वाले बच्चों की संख्या सौ पहुंच गई है। इसमें से पांच से दस की संख्या में मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इन्हें दवा इलाज के साथ भाप दी जा रही है।दो से तीन दिन में यह बीमारी नियंत्रण में आ रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से बच्चों में निमोनिया जैसी बीमारी पनप रही है। लापरवाही होने से यह बीमारी होती है। इस समय गर्मी में पहनने वाले हल्के कपड़े नुकसानदेह है। ऐसे में बदन पर भारी कपड़े होने चाहिए।
सजगता न बरतने की वजह से बच्चों को जुकाम-बुखार पकड़ रहा है। इसके बाद सीने में जकड़न के साथ निमोनिया हो जा रहा है। इस दिनों हल्की तबीयत बिगड़ने पर ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एमबीबीएस डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम की वजह से व्यस्क भी बुखर-जुकाम की चपेट में आकर निमोनिया के शिकार बन रहे हैं। ज्यादातर बुजुर्गों में यह समस्या आ रही है।