बस्ती। कला बच्चों के व्यक्तित्व एवं मानसिक विकास पर प्रभाव डालती है। इसलिए बच्चों को इससे जरूर जुड़ना चाहिए। चित्रकला कार्यशाला के माध्य से बच्चों के सर्वागीण विकास को गति मिलती है। इसके लिए बच्चों के साथ अभिभावकों को भी जागरूक होने की जरूरत है, जिससे बच्चों को प्रोत्साहित किया जा सके।
यह कहना है नगर पालिकाध्यक्ष नेहा वर्मा का। वह सोमवार को राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) की ओर से सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग के सभागार में आयोजित ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नेहा व उनके पति अंकुर वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. रमा शर्मा ने कहा कि 16 वर्षों से अकादमी की ओर सेकलात्मक अभिरुचियों को जागृत करने एवं कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 10 से 17 वर्ष एवं 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के 14 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। प्रधानाचार्य प्रियंका सिंह ने कहा कि मंडल में ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन अच्छी स्थिति को दर्शाता है। डॉ. प्रमोद उपाध्याय ने इसे सराहनीय प्रयास बताया। कार्यक्रम का संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।
इस मौके पर डॉ. नवीन श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय, पूर्णिमा तिवारी, डॉ. रंजना अग्रहरी, सरिता शुक्ला, राहुल श्रीवास्तव, शांभवी, हरेंद्रनाथ तिवारी, पलक, श्रेयसी, यशी, प्रतिभा, गौरी, आँचल, ईशा, आरोही, कृति आदि मौजूद रहीं।