बस्ती मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक हॉस्पिटल कैली में डायलिसिस यूनिट का विस्तारीकरण किया गया है। लंबे समय से प्रस्तावित यूनिट में 6 नए बेड स्थापित करा दिए गए हैं। पीपीपी मॉडल पर संचालित इस यूनिट में अब 91 मरीजों की डायलिसिस हर दिन संभव है। क्योंकि इन नए बेड बढ़ने से यहां 16 यूनिट काम करने लगा है।
ओपेक चिकित्सालय कैली में किडनी रोग के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा करीब एक दशक से संचालित है। इस यूनिट को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाता है। अभी तक यूनिट केवल 10 बेड पर 69 मरीजों का यह सुविधा उपलब्ध कराती थी, जिससे तमाम मरीजों को बाहर का सहारा लेना पड़ता था। चूंकि अपने शहर में ओपेक चिकित्सालय कैली के अलावा एक निजी अस्पताल में ही यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में कई बार मरीजों को दूसरे जिले में डायलिसिस करानी पड़ती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने करीब दो माह पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर डायलिसिस यूनिट के विस्तारीकरण की मांग की थी। शासन की सहमति के बाद करीब एक माह पहले काम भी शुरू हो गया। बेड स्थापित कराकर उन्हें मशीन से जोड़ा गया। दो दिन पहले इस मशीन को संचालित कर दिया गया है। इसके संचालन से अब 16 बेड का यूनिट एक दिन में 91 मरीजों की डायलिसिस करेगा।
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हफ्ते में दो बार होती है डायलिसिस
डायलिसिस के मरीजों का चिकित्सक के सुझाव के अनुसार डायलिसिस होता है। वैसे सभी मरीजों का सप्ताह में दो बार डायलिसिस किया जाता है, जिससे खून में यूरिया न जाए। किडनी खराब होने के कारण खून में यूरिया चली जाती है, जिससे सेहत प्रभावित होती है। डायलिसिस से खून की सफाई हो जाती है। -डॉ. बीएल कन्नौजिया, फिजीशियन व प्रभारी डायलिसिस यूनिट, मेडिकल कॉलेज