बस्ती। धरती माता बचाओ अभियान के तहत नैनो उर्वरकों के महत्व और उनके व्यावहारिक उपयोग के लिए बुधवार को कृषि भवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मियों को नैनो उर्वरकों की वैज्ञानिक अवधारणा, कार्य, प्रणाली और लाभों से अवगत कराना रहा। कार्यशाला के मुख्य अतिथि इफको के उप महाप्रबंधक (कृषि सेवाएं) डॉ. आरके नायक ने नैनो उर्वरकों को पर्यावरण के अनुकूल बताते हुए कहा कि यह उर्वरक मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ-साथ उत्पादन लागत घटाने और संतुलित पोषण देने में सहायक हैं।
जिला कृषि अधिकारी बाबूराम मौर्य, संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन, कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सतीश सिंह तोमर तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरबी सिंह मौजूद रहे।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सतीश सिंह तोमर ने अपने फार्म पर किए गए नैनो उर्वरकों के ट्रायल का अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सीमित मात्रा में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी बाबूराम मौर्य ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं की जानकारी दी और अधिकारियों से किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यशाला में समस्त एडीओ (कृषि), एडीसीओ, एटीएम, बीटीएम सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।