बस्ती। सदर तहसील में तैनात एक महिला अधिकारी और नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल का चर्चित विवाद ढाई साल बाद अब पटाक्षेप की राह पर है। मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्ष से सुलहनामा पेश कर कोर्ट से मुकदमा निरस्त करने की सिफारिश की गई। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 27 अप्रैल 2026 तय की है।
मामले में आरोपी तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल और महिला अधिकारी की ओर से कोर्ट में पेश किए गए सुलहनामे में कहा गया है कि गलतफहमी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब मुकदमा नहीं लड़ना चाहते हैं और बिना किसी दबाव के सुलह करना चाहते हैं। यह भी कहा गया है कि इस संबंध में हाईकोर्ट में दायर याचिका में भी सुलहनामा पेश किया जा चुका है। हाईकोर्ट के निर्देश पर संबंधित कोर्ट में सुलहनामा दाखिल करने का हवाला देते हुए मुकदमा निरस्त किए जाने की सिफारिश की गई है। सुलहनामा पत्र पर महिला अधिकारी का फोटो और हस्ताक्षर भी है।
प्रकरण 12 नवंबर 2023 का है। सदर तहसील में तैनात एक महिला अधिकारी ने यहीं पर तैनात तत्कालीन नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल पर आरोप लगाया था कि वह रात में उनके सरकारी आवास में घुस गए थे और यौन शोषण की कोशिश की थी। महिला अधिकारी ने जानलेवा हमले का भी आरोप लगाया था और प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह घटनाक्रम काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा। आरोपी नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी न होने पर मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया था।