बस्ती। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि कुछ विरोधी लोग इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मियों से मिलकर मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। उन्हें बस्ती का विकास रास नहीं आ रहा है।
पांच जनवरी को जिला पंचायत सभागार में नेशनल यूथ एसोसिएशन की ओर से युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें एक युवा के प्रश्न पर सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा था कि कुछ सांसदों ने अपने रहन-सहन को इस कदर ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है। क्षेत्र के लिए वेतन कम पड़ जाता है। हालांकि, ऐसे सांसदों की संख्या कम ही है। वे अपने रहन-सहन के लिए अन्य स्रोतों से व्यवस्था करते हैं।
सांसद ने सोमवार को विभिन्न चैनलों पर चल रहीं खबरों को प्रायोजित करार देते हुए कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के कुछ पत्रकार समाज में भ्रामक खबर फैला रहे हैं। चैनलों पर चल रहीं खबर में हमारे बयान को पूरा नहीं दिखाया गया है। कुछ विरोधियों को बस्ती का विकास रास नहीं आ रहा है। वे हमारी सक्रियता से परेशान हैं। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वे कुछ इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों से मिलकर हमारी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी भ्रामक खबरों से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। जनता इस बात को भली-भांति जान रही है।
सवर्णों को आरक्षण ऐतिहासिक कदम: सांसद
बस्ती। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का फैसला लिया गया है। खुशी जताते हुए सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास के संकल्प पर कार्य कर रही है। भाजपा मीडिया संपर्क प्रमुख नितेश शर्मा के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति में सांसद हरीश द्विवेदी ने बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने 50 फीसदी आरक्षण की सीमा में किसी भी तरह की छेड़छाड़ से मना किया है। लेकिन सरकार ने संविधान में संशोधन करके आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार की तरफ से सालाना आठ लाख से कम वेतन वालों को इस आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है। कहा कि हमारी सरकार सभी जाति धर्म व वर्ग के लोगों के लिए कार्य कर रही है। सरकार के इस निर्णय से देश के करोड़ों गरीब सवर्णों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।