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Basti News: हत्या या साधारण मौत, उलझी गुत्थी, पुलिस संदिग्धों से उगलवा रही राज

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बस्ती। कोतवाली क्षेत्र के बैरियहवां मोहल्ले में दो दिन पहले शिव कुमार कन्नौजिया (24) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी अब उलझ गई है। मृतक के पिता की तहरीर पर एक युवक पर हत्या का संदेह जताते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। मगर पुलिस अभी दावे से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। पुलिस की छानबीन में हत्या के पर्याप्त वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने से पुलिस की जांच थम गई है।
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बता दें कि शहर के बैरियहवां मोहल्ले में बृहस्पतिवार की रात 8:30 बजे अचानक सनसनी फैल गई जब आबादी के बीच खाली मैदान में एक युवक का शव पाया गया। कुछ ही देर बाद पुलिस का आवाजाही शुरू हो गई। मोहल्ले में हलचल तब और बढ़ गई जब पता चला कि शव बगल के ही रहने वाले शिव कुमार कन्नौजिया की है। पुलिस ने अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराया। इस बीच पिता रामजी ने मृतक की पत्नी (बहू) के कथित आशिक रोहन पर संदेह व्यक्त करते हुए कोतवाली में तहरीर दे दी।
पुलिस ने रोहन के खिलाफ संदेह के आधार पर हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है। शुरूआत के 24 घंटे तक पुलिस भी शिव कुमार की मौत का राज खोलने करने का दावा करती रही। हत्यारोपी समेत मोहल्ले के अन्य चार-पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ भी शुरू कर दी। जांच में पता चला कि पिता की संपत्ति को लेकर भी शिवकुमार की हत्या हो सकती है। जिस जगह पर शव मिला था उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। उसमें शिव कुमार को मारने-पीटने जैसा कोई फुटेज सामने नहीं आया।
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अलबत्ता तीन-चार युवकों के आने-जाने का फुटेज मिला है। पुलिस उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है लेकिन, हत्या से संबंधित कड़ी नहीं ढूंढ पाई है। शुक्रवार की देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। मेडिकल टीम ने विसरा और हार्ट की प्रयोगशाला में जांच कराने की सलाह दे दी है। पुलिस के अनुसार हत्या साबित करने के लिए अभी पर्याप्त वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य संकलित नहीं हो पाए हैं।
प्रयोगशाला से विसरा और हार्ट की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस की जांच आगे बढ़ सकेगी। इसीलिए पुलिस के कदम थम गए हैं। यह मामला अब लंबा खींचने की आशंका है। शव के पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर पर सात जगहों पर खरोंच के निशान पाए गए हैं। अन्य गंभीर चोट लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि केवल खरोंच के निशान मिलने से हत्या की तस्दीक नहीं की जा सकती है।
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लड़खड़ाते हुए शिवकुमार की मिली फुटेज
पुलिस के हाथ एक फुटेज लगी है। जिसमें शिवकुमार मौत से पहले लड़खड़ाते हुए चलते दिख रहा है। पुलिस का अनुमान हैं कि वह घटना वाली रात काफी नशे की हालत में था। विसरा की जांच में अल्कोहल की पुष्टि का कयास लगाया जा रहा है। बहरहाल पुलिस इन बिंदुओं पर भी छानबीन कर रही है। बाहरी संदिग्धों के अलावा मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
कोट
जब तक वैज्ञानिक, डिजिटल और भौतिक साक्ष्य एक दूसरे से मेल खाते हुए नहीं मिलेंगे तब तक हत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती है। विसरा और हार्ट की प्रयोगशाला में जांच होने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक हत्या से जुड़ी कोई ठोस कड़ी जांच में सामने नहीं आई है। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य आने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
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-सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।
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