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अंधविश्वास में तो नहीं हुई हत्या, हो रही जांच

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अंधविश्वास में तो नहीं हुई हत्या, हो रही जांच
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छह साल की मासूम की अपहरण के सातवें दिन गन्ने के खेत में मिली थी लाश
संवाद न्यूज एजेंसी
परशुरामपुर (बस्ती)। रोहदा गांव के आंचल की मौत की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस विविध पहलुओं पर जांच कर रही है। जिससे हत्या की वजह साफ हो। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तंत्र-मंत्र के चलते भी हत्या का शक है। इस कारण इस थ्योरी पर भी जांच की जा रही है।
इसकी एक वजह मुंडन के दिन ही हत्या को भी माना जा रहा है। चूंकि 14 दिसंबर को लापता हुई आंचल का शव 20 दिसंबर को गांव में ही घर से आधा किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आई थी। इसमें यह भी बताया गया था कि हत्या शव मिलने के 24 घंटे पहले अर्थात 19 दिसंबर को हुई। फिलहाल पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है।
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जांच कर रहे इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस हर एंगल को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। उधर, आसपास लोगों में भी छह वर्ष की बालिका के सात दिन बाद लाश मिलने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। मृतका के पिता रोहदा निवासी रामयज्ञ नाई बिरादरी के हैं। खुद भले ही रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं, लेकिन पत्नी व परिवार के अन्य लोगों ने पारंपरिक यजमानी संभाल रखी है। ऐसे में क्षेत्र में उसके परिवार से काफी बेहतर संबंध हैं। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि इसके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। ऐसे में किसने उसे मौत के घाट उतार दिया, यह बड़ा रहस्य है। पुलिस विविध पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मुंडन के दिन हुई थी हत्या
आंचल की हत्या जिस दिन हुई, उस दिन उसका मुंडन होना तय था। रिश्तेदारों में कार्ड बांटे जा चुके थे। मगर ऐसा किसने और क्यों किया? यह पहली बना हुआ है। पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत होने बताया जा रहा है, जिससे पुलिस का मानना है कि मुंह और नाक दबाकर हत्या की गई होगी। आंचल के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
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यह रहा घटनाक्रम
14 दिसंबर को दोपहर बाद रोहदा गांव के रामयश की पुत्री आंचल गांव की एक ऐसी दुकान से अचानक लापता हो गई थी। जहां देर रात तक लोग मौजूद रहते हैं। घर में उसके मुंडन की तैयारी चल रही थी। परिवार के लोग कार्ड बांट रहे थे। काफी देर रात बालिका का पता नहीं चला तो पिता ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच रविवार (20 दिसंबर) को गन्ने की कटाई करने गए ग्रामीणों ने बालिका का शव देखा। परिवार के लोग पहुंचे और उसकी पहचान आंचल के रूप में की।
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