गांधीनगर में नगर पालिका ने घोषित किया जर्जर भवन।
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नगर पालिका क्षेत्र ने चिह्नित किए पांच जर्जर भवन
बस्ती। पिछले सप्ताह भर से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से जहां जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं, नगर पालिका क्षेत्र के जर्जर चिह्नित भवन पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनमें अब भी लोग रहते हैं। इनमें तो सभी भवन सौ साल पुराने हैं। आवासीय भवन में रहने वाले कहते हैं कि उनके पास कोई आवास नहीं है। ऐसे में वे परिवार सहित कहां जाएं।
शहर के गांधी नगर के मुख्य बाजार में गांधी आश्रम भवन है। इसमें करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें हैं और इसके ऊपरी तल पर लोग निवास करते हैं। यह भवन सौ साल से अधिक पुराना है। इन भवनों में दुकान करने वाले लोगों ने कहा कि वे वर्षों से इसी में रोजगार कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। यदि इसे ध्वस्त कराया जाए तो उन्हें इसी स्थान पर दुकान उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उनका रोजगार न छिने। इसी प्रकार गांधी नगर में ही दो आवासीय भवन हैं, जिनमें एक आवासीय भवन तो खाली हो गया है, जबकि दूसरे में एक परिवार रहता है। परिवार के सदस्य मनीष कहते हैं कि घर खपरैल का है, जिससे पानी टपकता था। अब उससे बचने के लिए खपरैल को प्लास्टिक की पन्नी से ढका गया है। कहा कि आवास के लिए प्रशासन के पास पिता ने आवेदन किया है। जैसे ही धन मिलेगा, मकान ठीक करा लिया जाएगा। अभी तो पूरे परिवार का पेट इसी में खोली गई छोटी सी दुकान से चल रहा है। मनीष ने कहा कि बगल स्थित मकान गिर रहा है, जिससे खतरा है। मकान मालिक से बताया गया है।
इसी प्रकार शहर के सीतापुर आंख अस्पताल व कॉलोनी में रहने वालों ने कहा कि इस मकान में वे वर्षों से रह रहे हैं। मकान को ठीक करा लिया गया है। ऐसे में अब मकान सुरक्षित है। नगर पालिका परिषद के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि जर्जर भवनों में रहने वालों को नोटिस भेजा गया था। बारिश के बाद इस पर काम शुरू किया जाएगा। सभी भवनों का एक बार फिर से सर्वें कराया जाएगा, जिससे जनधन की हानि से बचा जा सके।