छावनी थाने के एक गांव में 21 सितंबर को हुई मारपीट में घायल 38 वर्षीय पप्पू यादव की लखनऊ में रविवार को मौत हो गई। रविवार को युवक का शव दुबौलिया थाना क्षेत्र के बैरागपुर स्थित घर लाया गया। उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुटने लगे।
यह देख पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे। आनन-फानन में छावनी के अलावा दुबौलिया और गौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। मारपीट के आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
दुबौलिया थानाक्षेत्र के बैरागपुर निवासी पप्पू यादव (38) 21 सितंबर को उस गांव में गए थे। पप्पू के परिवार वालों का कहना है कि वह ट्रैक्टर से खेत की जुताई के रुपये मांगने गए थे। वहां गांव की महिला चौकीदार ने आशनाई का आरोप लगाकर तीन अन्य लोगों के साथ पप्पू को जमकर पीटा था। गंभीर रूप से घायल पप्पू का लखनऊ में इलाज चल रहा था। रविवार को पप्पू की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवारवालों को सौंप दिया गया।
इससे पहले छावनी पुलिस ने मारपीट के प्रकरण में 28 सितंबर को महिला चौकीदार समेत तीन अन्य आरोपियों पर बलवा, गंभीर रूप से घायल करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया था। रविवार को पप्पू का शव गांव में शाम करीब पांच बजे लाया गया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पप्पू यादव की पत्नी नंदिनी ने हल्का दरोगा व छावनी पुलिस पर कार्रवाई में देर करने का आरोप लगाया था। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर मुकदमा दर्ज हुआ था। सीओ ने बताया कि शांति व्यवस्था कायम है।