मुस्लिम समुदाय के लोग बृहस्पतिवार की शाम आसमान पर नजरें गड़ाए रहे। माह-ए-रमजान के चांद का दीदार होते ही वे खुशी से झूम उठे। गांधीनगर, रोडवेज, कटरा, पक्के बाजार आदि बाजारों में अधिकतर दुकानें जल्द बंद हो गईं। मस्जिदों में पहुंचे लोगों ने तरावीह की नमाज पढ़ी। रमजान का पहला रोजा जुमा यानी शुक्रवार से शुरू होगा। माह-ए-रमजान का पहला रोजा करीब 15 घंटे 45 मिनट का होगा।
उधर, बाजार में भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। लोगों ने सेवई, खजूर, टोपी व इत्र की खरीदारी की। मस्जिदों में साफ-सफाई हुई। देर रात तक बाजार में चहल-पहल रही। साथ ही घर-घर में कुराने पाक की तिलावत का दौर भी शुरू हो गया। घर हो या मस्जिद, हर जगह सिर्फ खुदा की इबादत की बात होने लगी है। नमाज में शरीक होने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। छोटी बड़ी सभी मस्जिदों में नमाजियों की खासी तादाद दिखी। वहीं नन्हें मुन्नों में भी खुदा की इबादत का जज्बा दिखा।
इन मस्जिदों में हुई तरावीह नमाज
शहर के जामा मस्जिद, कटरा स्टैंड, खैर मस्जिद, जीएनबाबू, निसार हुसैन, छोटी मस्जिद पक्के बाजार, नूरानी मस्जिद, जामियां हनफियां, दरियां खां, दारूल उल्लूम, मस्जिद बेलाल, गड़गोडिया, दक्षिण दरवाजा, मस्जिद अंजुमन इस्लामिया सहित दो दर्जन मसजिदों में नमाज-ए-तरावीह की नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने सेहरी की और ‘बेसौमे गदिन नवैतो मिन शहरे रमजान’ दुआ के साथ अपने पहले रोजे की नियत की। वहीं फजिर की नमाज में मस्जिदें अकीदतमंदों से भरी रहीं। हर कोई इबादत में मशगूल रहा। शाम को महिलाएं सेहरी और अफ्तारी के इंतजाम के लिए बाकी बची खरीददारी में व्यस्त रहीं।
अकीदतमंदों के सिर मौसम का साया
इस बार मौसम भी अकीदतमंदों के साथ है। दिन में गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल रही है। धूप भी कभी कभार निकल रही है। इस मौसम में रोजेदारों का न तो गला सूखेगा और न ही अधिक प्यास महसूस होगी।
सहरी-अफ्तार में रहे सेहत का खयाल
जिला अस्पताल के डॉ. सरफराज के मुताबिक रोजेदार अधिक तली-भुनी चीजें न खाएं। हो सके तो शाकाहारी भोजन का इस्तेमाल करें। चिकन, मटन या मछली खाने से पहले इस बात की तहकीकात जरूर कर लें कि वह ताजा हो।