बरदही बाजार में बंदरों के झुंड ने बनाया ठिकाना
संवाद न्यूज एजेंसी
गनेशपुर। नगर पंचायत नगर बाजार में बंदरों के झुंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक कई लोगों को काट कर घायल कर चुके हैं। इससे क्षेत्र में दहशत है। नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन और वन विभाग से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है।
बरदही बाजार में बंदरों ने लोगों को जीना दुश्वार कर दिया है। घरों में घुसकर बंदर सारा सामान तितर-बितर कर देते हैं। किसी ने इन्हें भगाने की कोशिश की तो उन पर हमला कर लहूलुहान भी कर दे रहे हैं। इंद्रावती, इलायची देवी, सुरेंद्र, केशव, संतोष व राम नयन आदि ने बताया कि वह भी बंदरों के हमले से घायल होकर इलाज करा चुके हैं।
वन विभाग के पास पिंजरा व अन्य संसाधन तो हैं, लेकिन बंदरों व खतरनाक जानवरों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित टीम नहीं है। दो साल पहले जेल व जिला प्रशासन की पहल पर बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया गया तो तत्कालीन फॉरेस्ट रेंजर राजकुमार ने बस्ती व सिद्धार्थनगर के कुछ युवाओं के सहारे डीएम-एसपी व कमिश्नर आवास से लेकर जेल व रेलवे स्टेशन तक लगभग 700 बंदरों को पकड़ कर फरेंदा के जंगल में छोड़ दिया था। इसके बाद अभियान नहीं चलाया गया।
डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि नगर बाजार में वन विभाग की टीम भेजकर नगर पंचायत के सहयोग से बंदरों को पकड़वाने का इंतजाम किया जाएगा। पूरे जिले में बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द अभियान भी चलाया जाएगा।