बस्ती। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि मोदी सिर्फ बजट ही नहीं मुहैया कराते हैं, बल्कि बजट के सापेक्ष काम का हिसाब भी पूछते हैं। मोदी न सोते हैं और न सोने देते हैं। तभी उनके साढ़े नौ साल के कार्यकाल में देश में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
रेल मंत्री शुक्रवार को शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महाकुंभ के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि देश में रेलवे का विस्तार किया जा रहा है। साढ़े नौ साल के भीतर 3700 किमी नई रेल लाइन बनाई गई। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि 2014 के पहले लोग रेलवे का मतलब दूध देने वाली गाय समझते रहे। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने सबसे पहले रेलवे के अमूल चूल परिवर्तन का प्रयास शुरू किया। उनके पहले इतने बड़े भारत देश में रेल बजट मात्र 35 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था। मोदी के अमृत काल युग में यह बढ़कर दो लाख 40 हजार करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़े प्रदेश यूपी का हिस्सा 17 हजार करोड़ रुपये है। इसके पहले महज 1100 करोड़ रुपये यूपी रेलवे के हिस्से आता रहा।
सांसद को बगल में बुलाया, की सराहना
केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने माइक संभालते ही सांसद हरीश द्विवेदी को बगल में बुला लिया। भीड़ के सामने उनसे हाथ उठवाकर उनकी सराहना की। कहा कि जब 156 रेलवे स्टेशनों को प्रथम श्रेणी के स्टेशन बनाने की योजना तैयार हो रही थी तो सांसद ने प्रयास करके बस्ती रेलवे स्टेशन को भी इसमें शामिल कराया। मार्डन युग के स्टेशन की डिजाइनिंग के लिए सांसद उनके पास पहुंचे। बस्ती के प्रति उनकी ललक देखकर हमें इस स्टेशन की डिजाइनिंग के लिए विशेष रुचि लेनी पड़ी। कहा कि बस्ती वाले सौभाग्यशाली हैं कि उनके पास हरीश जैसा सांसद है। उधर, सड़क मार्ग से बस्ती जाते वक्त रेल मंत्री का गोरखपुर में स्वागत किया गया।
मोदी-योगी यूपी को बना रहे नंबर एक का प्रदेश
रेल मंत्री ने कहा कि यूपी में डबल इंजन की सरकार है। मोदी-योगी मिलकर इसे नंबर एक का प्रदेश बनाने में जुटे हैं। अयोध्या में श्रीराम लला का भव्य मंदिर बन रहा है। डबल इंजन की सरकार ने सदियों का पाप धोया है।
आत्मनिर्भर भारत का दिया उदाहरण
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों नोएडा के एक मोबाइल बनाने वाली फैक्टरी में गए थे। वहां 26 साल से कम उम्र की बेटियां बड़ी-बड़ी मशीनों को संचालित करती हुई दिखींं। बिहार की एक बेटी ने उन्हें बताया कि जब गांव जाकर मोबाइल निर्माण से संबंधित जानकारी साझा करते हैं तो गांव के लोग प्रधान से ज्यादा उनका स्वागत करते हैं। यह सुनकर माथा ऊंचा हो गया। मोदी नेतृत्व में मेरा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।
वंदे भारत के निर्माण से पहले विदेश गए थे इंजीनियर
अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत के निर्माण से पहले देश के इंजीनियर मॉडल की खोज में जापान, फ्रांस, जर्मनी आदि देशों के लिए रवाना किए गए थे। प्रधानमंत्री ने अपनी तकनीक और अपनी डिजाइन से यह ट्रेन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। जब आधुनिक तकनीक के साथ यह ट्रेन बनकर तैयार हुई तो दुनिया के कई देश हिल गए। उन्हें यह चिंता सताने लगी कि भारत बिना किसी देश की मदद लिए अपने दम पर ट्रेन बनाने लगा। यही मोदी के आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है।