फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी ने पूछा, क्या बस्ती में लॉकडाउन का हो रहा है पालन

विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो क्रांफ्रेसिंग से वार्ता करतीं बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र ? - फोटो : BASTI
विज्ञापन
मोदी ने पूछा, क्या बस्ती में लॉकडाउन का हो रहा है पालन
विज्ञापन

पंचायती राज दिवस पर ग्राम प्रधान वर्षा से रूबरू हुए प्रधानमंत्री
कप्तानगंज (बस्ती)। ब्लॉक क्षेत्र नकटीदेई बुजुर्ग गांव व लॉकडाउन की हालत जानने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गांव की प्रधान वर्षा सिंह से ऑनलाइन हुए। पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामना दी और फिर हालात पर चर्चा की। वर्षा ने प्रधानमंत्री के कोरोना वायरस से जंग में लॉकडाउन की पहल की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस महामारी से बचाव के टिप्स भी दिए।
प्रधानमंत्री ने पूछा क्या बस्ती में लॉकडाउन का पालन हो रहा है? वर्षा ने कहा जी हां, मेरे गांव में पूर्ण लॉकडाउन है। खुद आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम बहनों के साथ घर-घर जाकर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रही हूं। मोदी ने पूछा कब से इस गांव की प्रधान हैं? वर्षा ने कहा कि पूर्व में भी गांव की प्रधानी उनके पास थी, लेकिन बीच में सीट बदल गई थी। प्रधानमंत्री ने पीएम गरीब कल्याण व अन्य योजनाओं को गांव के जरूरतमंदों तक पहुंचने के बारे में प्रधान से जाना, इसका जवाब प्रधान ने हां में दिया। बोलीं ‘उज्ज्वला’ के तहत 25, किसान सम्मान निधि के तहत 155 तथा रजिस्ट्रेशन के 10 अन्य व जनधन योजना के 50 लाभार्थी योजनाओं से लाभांवित हो रहे हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने वर्षा से लोगों का अनुभव व उनकी संतुष्टि के बारे में भी पूछा। बोलीं, योजनाओं को निचले पायदान तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे लोग संतुष्ट हैं। प्रधानमंत्री ने अगला प्रश्न भी दाग दिया, बोले ग्रामीण पहले यह कहते थे दिल्ली से मिलने वाले एक रुपये में से गांव तक केवल पंद्रह पैसे पहुंचता है, अब योजनाएं जब आम जन तक पहुंच रही हैं तो जनता का क्या विचार है? प्रधान ने कहा कि ग्रामीण योजनाओं से लाभांवित हो रहे हैं, जिससे वे संतुष्ट हैं। उनका मानना है कि जब से यह सरकार आई है तब से उनका हक उनके झोली में आ रहा है। बोलीं कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के समय गांव के लोग सरकार की पहल की सराहना कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस महामारी के संकट की घड़ी में आप जैसा प्रधानमंत्री न होता तब क्या होता।
विज्ञापन

इस पर प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर आमजन के मनोभावों का अभिवादन करते हुए कहा कि बस हम लोग दो गज की दूरी बनाए रखें क्योंकि कोरोना वायरस बड़ा विचित्र वायरस है। यह किसी के बुलाने पर नहीं आता। इसकी एक विशेषता है यह अपने आप किसी के घर नहीं जात्रा, अगर कोई लेने जाता है तो वह घर में घुस जाता है फिर किसी को छोड़ता नहीं। इस नाते जैसे हम एक छाता लगाएं और सामने वाला भी छाता लगाए हो तो दोनों के बीच की दूरी दो गज होगी। इसी तरह इस संकट की घड़ी में दो गज की दूरी ही सबको बचाएगी। सरकार और जनता के बीच में विश्वास एक बड़ी ताकत है। खुद पर और व्यवस्थाओं पर विश्वास करके बड़ी से बड़ी लड़ाई को भी जीता जा सकता है। बस दो गज की दूरी बनाए रखें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें