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बंदी की चप्पल में मिला मोबाइल फोन

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बंदी के चप्पल में फिर मिला मोबाइल फोन
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बस्ती। जिला कारागार में बंदी के चप्पल में छिपाया गया मोबाइल फोन पकड़ा गया। संतकबीरनगर की अदालत में पेशी से लौटे बंदी की गेट पर जांच के दौरान बंदी रक्षकों ने हवाई चप्पल काटकर छिपाया गया मोबाइल ढूंढ निकाला।
जेलर सतीश चंद्र ने बताया कि दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत जेल भेजे गए बंदी देवेंद्र के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे पहले 18 सितंबर को भी बंदी राहुल उर्फ रानू के चप्पल में छिपाया गया मोबाइल बरामद किया गया था।
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संतकबीरनगर जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र निवासी देवेन्द्र को पुलिस ने 24 अगस्त को बालिका को बहला-फुसलाकर अगवा करने, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छह जनवरी को संतकबीरनगर कोर्ट में उसे पेशी पर ले जाया गया। देर शाम कारागार में वापस पहुंचाया गया तो जेल के गेट पर नियमित जांच की जाने लगी। तलाशी में उसके बांए पैर में चप्पल के नीचे से मोबाइल की साइज का काटकर रखा गया मोबाइल बरामद किया गया। जेल अधिनियम, बंदी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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फर्श के भीतर, शौचालय में मिल चुका है मोबाइल
19 सितंबर 2019 को अमर उजाला ने अपने अंक में पेज संख्या छह पर ‘चप्पल में मोबाइल, साबुन के रैपर में गांजा’ शीर्षक से रिपोर्ट प्रकाशित किया था। जिसके दूसरे ही दिन जेल प्रशासन ने जेल की सघन जांच कराई तो मिट्टी के नीचे दबाया गया तीन मोबाइल फोन मिला था। बैरक संख्या छह और नौ के शौचालयों के पास खुदाई कराई गई। दोनों जगह जमीन के अंदर छिपाया गया तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इससे पहले 13 सितंबर 2019 को बैरक नंबर तीन में निरुद्ध बंदी मदन से मिलने बखिरा क्षेत्र के देवलसा निवासी राधेश्याम जेल में गया था। तलाशी में उसके पास नहाने के साबुन के रैपर के भीतर जगह बनाकर 100 ग्राम गांजे की पुड़िया बरामद की गई थी।
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