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Basti News: पंचनामा में चूक का भुगतना पड़ सकता है खामियाजा, जांच का आदेश

Fri, 08 Sep 2023 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। महिला और पुरुष के शव में फर्क न समझ पा रही दुबौलिया पुलिस मौत की गुत्थी कैसे सुलझा पाएगी, इसे लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है। इसे हड़बड़ी कहें, लापरवाही या मानवीय भूल। मगर इस चूक का उसे खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने जांच का आदेश दे दिया है। सीओ कलवारी विनय चौहान को मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मी पर कार्रवाई तय है।
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तीन सितंबर को सरयू नहर में मिला अज्ञात शव दुबौलिया पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। शव के साथ भेजे गए रिपोर्ट और पंचनामा में महिला का शव बताया गया था। लेकिन जब पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस का सील किया हुआ बोरा खोला गया तो महिला का शव निकला। हैरान पोस्टमार्टम टीम ने इस बारे में दुबौलिया पुलिस से संपर्क किया तो इतनी बड़ी चूक का एहसास हुआ। बृहस्पतिवार को दूसरा पंचनामा करके भेजने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। जिसमें हत्या की पुष्टि हुई।

यह है मामला
- दुबौलिया थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव के निकट रविवार सुबह सरयू नहर की पुलिया के नीचे झाड़ में फंसे बोरे में एक शव मिला था। तेज दुर्गंध आने पर नित्यक्रिया के लिए गए ग्रामीणों ने बोरे में शव होने की आशंका में पुलिस को सूचित किया। थाने से करीब छह सौ मीटर दूर से मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरी को खोलवाकर देखा तो हाथ पैर कपड़े की पतली पट्टी से बंधा हुआ था। पानी में रहने के कारण शव काफी फूल गया था और उसमें सड़न होने लगी थी। पुलिस ने बोरा खोलकर एक नजर देखा और बताया कि वह शव किसी युवती का है। जिसकी उम्र लगभग 24-25 वर्ष आंकी गई। शरीर पर लाल रंग का कुर्ता और सफेद लैगी या पायजामा जैसा कपड़ा देखा गया। पुलिस अधीक्षक कृष्ण गोपाल चौधरी ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी हासिल की। चूंकि पहचान नहीं हो पाई थी, इसलिए पुलिस ने नियमानुसार 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में शव रखवा दिया और सोशल मीडिया से लेकर अन्य तरीकों से पहचान कराने का प्रयास करने लगी। बुधवार को 72 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बाद जब पोस्टमार्टम करने के लिए डाक्टर ने शव को चीरघर पर मंगाया तो बोरा खोलने पर वह शव युवक का निकला।
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गला में रस्सी कसकर की गई थी युवक की हत्या
- दुबौलिया थानाक्षेत्र के गोकुलपुर के सरयू नहर में बोरे में भरे शव का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें पाया गया कि युवक की निर्ममता से गला घोंटकर हत्या की गई थी। गले में तीन चक्कर रस्सी लपेटकर कस दी गई थी। उसके गले की दोनों हड्डी टूट गई थी। जुबान भी बाहर निकलकर दांत के नीचे दबी हुई थी। इससे प्रतीत होता है कि दो-तीन लोगों ने मिलकर पहले उसका गला कसा होगा। दम घुटने के बाद हाथ-पैर बांधकर बोरे में भरकर नहर में फेंक दिया होगा।

पुलिस की बढ़ गई चुनौती

- शव के लिंग की पहचान करने में गच्चा खा चुकी पुलिस के लिए चुनौती कम नहीं हुई है। साधू जैसे दिखने वाले अज्ञात युवक की पहचान कराने के साथ ही उसकी निर्ममता से हत्या करने वालों के बारे में पता करना आसान नहीं होगा। शव के कई दिन पानी में पड़ा रहने के कारण चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा है, जिससे मुश्किलें और भी बढ़ गई है। हालांकि थानाध्यक्ष इंद्रभूषण सिंह का कहना है कि केस का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।

क्या है पंचनामा की कार्रवाई



- सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि जब किसी स्थान पर किसी पुरुष या महिला की मौत किसी घटना से हो जाती है, या उसकी आकस्मिक मौत हो जाती है या फिर उसकी मौत संदिग्ध हो, तो ऐसे हालात में मृतक के परिजनों या किसी भी शख्स की सूचना पर पुलिस पांच व्यक्तियों को पंच के रूप में नियुक्त करते हुए पंचनामा यानी पंचायत नामा की कार्रवाई करती है। इसमें शव किस स्थिति में मिला, उसका हुलिया, बाहरी तौर पर कोई जख्म,चोट के निशान थे या नहीं आदि लिखा जाता है। पंचनामा की कार्यवाही को कम से कम उपनिरीक्षक स्तर का पुलिस अधिकारी मौके पर होना ज़रूरी होता है। इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि पांच व्यक्तियों से इस सहमति पर हस्ताक्षर कराया जाता है कि पुलिस ने शव को जिस स्थिति में देखा,वैसा उन लोगों ने भी देखा।
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शव के लिंग की पहचान करने में यह चूक कैसे हुई इसकी जांच कराई जाएगी। जिसकी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-गोपाल कृष्ण चौधरी, एसपी
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