चयनित कार्य शुरू न हो पाने पर डीएम ने जताई नाराजगी, शासन को भेजी संस्तुति
कहा, काम न होने से क्षेत्रीय मजदूरों को नहीं मिल पाया रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मनरेगा कन्वर्जेंस से जुड़े कार्यों में शिथिलता मिली। इस डीएम आशुतोष निरंजन ने सिद्धार्थनगर के सरयू नहर के तत्कालीन अधिशासी अभियंता को चार्जशीट जारी करने के लिए शासन को संस्तुति भेजने का निर्देश दिया है।
विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पाया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के बावजूद अधिशासी अभियंता द्वारा तीन ऐसे कार्यों का चयन किया गया, जिसमें जलभराव के कारण अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण वहां क्षेत्रीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पाया है। प्रारंभ में भी अभियंता की ओर से कार्य के चयन में रुचि नहीं ली गई थी। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि सरयू नहर खंड चार बस्ती की ओर से स्वीकृत सभी 18 कार्यों पर कार्य कराया जा रहा है। अयोध्या, गोंडा की ओर से भी स्वीकृत कार्य कराए जा रहे हैं। डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को 40 प्रतिशत अधिक व्यय पर उपभोग प्रमाण पत्र तीन दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उद्यान विभाग की ओर से 25 कार्यों पर मस्टर रोल जारी न करने व लाभार्थी का नाम न देने पर भी असंतोष व्यक्त किया। कहा, मनरेगा के तहत अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है। सभी विभाग इसमें समन्वय कराकर बेहतर कार्य करें, जिससे प्रदेश स्तर पर जिला का स्थान बनें। सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि जिले में 16 विभागों की ओर से 1225 लाख की लागत से 892 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अबतक 2172 मस्टर रोल के सापेक्ष 30971 श्रमिकों को रोजगार दिया गया है। इसमें कुल 230 लाख रूपये का भुगतान किया गया है जिसमें से 227 लाख मजदूरी है। बैठक का संचालन उपायुक्त मनरेगा इन्द्रपाल सिंह ने किया। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार, पीडी आरपी सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश गौतम, शुभनारायण राव, एके चतुर्वेदी, डॉ. राजेश कुमार, टीपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।