बस्ती । परशुरामपुर ब्लाॅक परिसर में ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बृजेश और उनके गुर्गों के मारने-पीटने, फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को विक्रमजोत ब्लाॅक में ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारियों व कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिलकर मामले को संज्ञान में डाला।
ज्ञापन देकर मांग की कि ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे को समाप्त कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, जिससे कर्मचारी भयमुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष मस्तराम वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष राम आधार पाल, जिला मंत्री तौलू प्रसाद के साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने से डीएम ने प्रतिनिधि मंडल से विस्तार से प्रकरण की जानकारी ली।
एसपी से वार्ता करने के बाद आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के अध्यक्ष अरुणेश पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र अरोड़ा, मंत्री अमरनाथ गौतम, मंडल अध्यक्ष राकेश पांडेय आदि ने डीएम को स्थिति से अवगत कराया। संगठन ने यह भी भी मांग किया कि प्रधान प्रतिनिधियों का शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप को रोकने की व्यवस्था की जाए।
इस मौके पर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय कुमार आर्य, मनोज मिश्र, राम सुभाष चौधरी, सुधीर सिंह, प्रशांत पांडेय, महेंद्र प्रजापति, अविनाश पांडेय आदि मौजूद रहे।