कई गांवों से होकर बहने वाली मच्छोइया नाला सरकारी धन खपाने का जरिया बनता जा रहा है। एक ही नाले को खुदाई और साफ सफाई के नाम पर चार विभागों ने लाखों रुपये खर्च किया। शिकायतों के बावजूद न तो कोई कार्रवाई हुई और न धन व्यय करने का सिलसिला ही रूका। डीडीओ ने जांच कराने तो बीडीओ ने जानकारी न होने की बात कही।
जानकारी के अनुसार कप्तानगंज ब्लॉक के दक्षिण ओर से बहने वाला मच्छोईया नाला ब्लॉक के बिहरा, महराजगंज, मरवटिया तिवारी, बनहरा, थूहा, रमापतिजोत, मदनपुरा, पगार सहित कई गांवों से जुड़कर कठार जंगल, कुढ़वा गांव होते हुए चन्दो ताल में समाहित होती है। इस नाले की पानी से किसान फसलों की फसलों की सिंचाई और पशु पक्षी जल पीते हैं। इस नाले का पानी कभी नहीं सूखता। मगर इधर कई साल से यह नाला सरकारी धन खपाने का जरिया बनता जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इस नाले पर अब तक सिंचाई विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत सहित कई विभागों के द्वारा कार्य दिखाकर लाखों रुपये का गोलमाल किया जा रहा है। कभी जेसीबी तो कभी मनरेगा मजदूरों से नाले की खुदाई कराकर एक ही दिन में लाखों का व्यय दिखाकर गोलमाल कर लिया गया। क्षेत्रवासी राजेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, ओम प्रकाश, अनिल कुमार सहित अन्य ने बताया कि इस नाले की खुदाई और साफ सफाई के नाम पर हर साल लाखों का भुगतान लिया जाता है। बताया कि इसकी शिकायत कई बार बीडीओ कप्तानगंज और जिलाधिकारी से किया गया, मगर कोई कार्रवाई नही हुई। कप्तानगंज की बीडीओ रूक्मणि वर्मा ने बताया कि इसकी सूचना उन्हें नहीं है। वही डीडीओ डीडी शुक्ला ने बताया कि मामला गंभीर है यदि एक नाले पर कई विभाग की ओर से भुगतान किया गया तो मामले की जांच कराई जाएगी।