गांधी कला भवन में एटक और सीटू ने पुष्पांजलि अर्पित की।
- फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। श्रमिक दिवस पर विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक होने का संकल्प लिया गया। शहीद श्रमिकों को श्रद्धाजंलि दी गई। एटक और सीटू की ओर से संयुक्त रूप से गांधी कला भवन में शहीद श्रमिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। एटक राज्य कमेटी सदस्य का. अशर्फीलाल ने कहा कि शिकागो का मजदूर आंदोलन जिस गति से चला था वह ठहर सा गया है। उसे गति देने के लिए दुनिया के श्रमिक एकजुट हो रहे हैं। कहा कि परिस्थितियां पहले से और जटिल हुई हैं हमले बढ़े हैं लेकिन मजदूर हौसले के साथ डटकर मुकाबला कर रहे हैं।
सीटू नेता कामरेड केके तिवारी ने शिकागो के अमर शहीदोें को नमन किया। कहा कि काम के घंटे को तय करने जैसे कठिन काम को इन बलिदानियों ने पूरा किया। मजदूर दिवस विश्व का सबसे बड़ा त्यौहार है। श्रम संशोधन के नाम पर भारत समेत अनेक देशों में मजदूरों का हक मारा जा रहा है। इसकाएकजुट मुकाबला करना होगा।
अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा की ओर से गोष्ठी का आयोजन पटेल एसएमएच हास्पिटल एवं आयुर्वेदिक पैरा मेडिकल कॉलेज गोटवा के सभागार में हुआ। महासभा के अध्यक्ष डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि बिना श्रम के कोई निर्माण नहीं हो सकता किन्तु श्रमिकों को उसका उचित मूल्य मिले इस दिशा में सबको मिलकर सोचना होगा। कठिन मेहनत के बाद भी श्रमिकों का परिवार यदि बदहाल हो तो इसके लिये हम सब सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के कार्यक्रम में पत्रकार दिनेशचंद्र पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र प्रबंधन एवं श्रमजीवी पत्रकारों में आपसी सामंजस्य रहे, तभी सभी के हित सुरक्षित रहेंगे। राजेंद्र तिवारी एवं पूर्व सहायक सूचना निदेशक दशरथ प्रसाद यादव, संगठित रहने पर बल दिया। कहा कि चरित्र को ध्यान में रखकर अपने आप में ईमानदारी के साथ कर्त्तव्य का निर्वहन करें तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। पंकज सोनी ने कहा कि श्रमजीवी पत्रकारों की मुख्य समस्या उत्पीड़न, कल्याण कोष आदि है। पुनीत ओझा ने सभा का संचालन किया।
समाचार पत्र वितरक जन कल्याण सेवा समिति की संगोष्ठी में मुख्य अतिथि उमाशंकर पटवा ने कहा कि मजदूर और मालिक एक दूसरे के पूरक हैं। मालिकानों को अपना नजरिया बदलना होगा कि श्रमिकों का शोषण बंद हो और उन्हें पूरा हक मिले।आयोजक जय प्रकाश गोस्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया।