महंगा हुआ सात फेरों का बजट, सवा गुना बढ़ा शादी समारोह का खर्च
बस्ती। देवोत्थान एकादशी के बाद शुरू हुए शादी-विवाह के सीजन में आसमान छूती महंगाई ने सात फेरों का बजट बिगाड़ दी है। विगत जनवरी-फरवरी के मांगलिक लग्न की तुलना में वर्तमान नवंबर- दिसंबर में हो रही शादियों का खर्च करीब सवा गुना बढ़ गया है। लिहाजा वैवाहिक समारोह में गोद भराई, सगाई, तिलक, विवाह व बहू भोज तक के कार्यक्रम में जहां औसतन आठ से दस लाख रुपये खर्च हो रहे थे, उसकी जगह अब 10 से 12 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, खाद्य पदार्थ, दूध-पनीर, मिठाई, फूल, कपड़े से लेकर मैरिज होम, कैटरिंग, फूलों की सजावट, बैंड बाजा, डीजे, आर्केस्ट्रा तक के बढ़े खर्च ने परेशानी बढ़ा दी है। शादी विवाह का सीजन 22 नवंबर से शुरू हो चुका है। कई शादी समारोह आयोजित हो चुके हैं तो कइयों की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। दिसंबर में अभी दो, सात, आठ, नौ और 14 दिसंबर को शादी का मुहूर्त है। इसके लिए शहर के गांधीनगर, पक्के बाजार, मंगल बाजार, पांडेय बाजार, सुर्ती हट्टा समेत अन्य स्थानों पर खरीदारों की चहल-पहल बढ़ गई है। मगर महंगाई की मार से इस बार मांगलिक कार्यक्रम के खर्च पर जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।
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लॉन संचालकों पर बढ़ा बोझ
मैरेज हॉल एवं लॉन संचालक आशुतोष मल्ल कहते हैं कि गर्मी केे समय में होने वाली शुभ लग्न में अधिक पैसा खर्च होता है। इस बार ठंड के सीजन में होने वाली शादियों में महंगाई बोझ बढ़ा रही है। पेट्रोल-डीजल के कारण ही सब्जियां तक महंगी मिल रही हैं। चूंकि बुकिंग काफी पहले हो चुकी है इसलिए बढ़ी कीमत का भार खुद झेलना पड़ रहा है क्योंकि पार्टी पहले से तय धनराशि ही चुकाती है।
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खाद्य तेल से लेकर मसाले तक महंगे
खान-पान की सामग्री के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी कैटर्स कारोबार में जुड़े लोगों को हो रही है। कैटर्स मिट्ठू, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि कहते हैं कि शादियों की कैटरिंग पर सबसे ज्यादा पड़ा है। सब्जी मसालों के साथ ही खाद्य तेल व मौसमी सब्जियों की आसमान छूती कीमत के साथ ही महंगी डिस्पोजल क्राकरी ने लागत और बढ़ा दी है। बताया कि वर्तमान में रिफाइंड 2100 रुपये व सरसों का तेल 2600 रुपयेे टिन बिक रहा है। वेटर व अन्य कारीगरों ने भी अपनी मजदूरी में इजाफा कर रखा है।
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15 फीसदी महंगे हुए बर्तन
इस बार नए डिजाइन में बर्तन आए हैं। तांबे और पीतल के अलावा स्टील में लेजर प्रिंट वालेे बर्तनों की भी मांग बढ़ी है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार 15 प्रतिशत बर्तन महंगे हुए हैं। दुकानदार शिवशंकर गुप्ता, दिनेश कसेरा कहते हैं कि मांगलिक लग्न के चलते बर्तन के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
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जेवरों की मांग में बढ़ोत्तरी
- सराफा व्यवसायी यशवंत सोनी बतातेे हैं कि इस बार लग्न में आभूषणों की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है। 24 कैरेट सोने के दाम प्रति 10 ग्राम 53150 है, जबकि लग्न के पहले सोने का दाम 49500 रुपये था। वहीं, चांदी 61 हजार रुपये किलोग्राम है, जबकि लग्न से पहले चांदी का रेट 53 हजार रुपये था। कहते हैं कि लग्न के चलते लोग खरीदारी करने सराफा बाजार पहुंच रहे हैं।
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साड़ियों के साथ दूल्हे के कपड़े भी महंगे
- इस बार लग्न में साड़ियों के साथ ही दूल्हे के परिधानों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। कारोबारी कृष्ण कुमार गुप्ता, सरदार गुरमीत सिंह, राकेश गुप्ता बताते हैं कि वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होने से पहले जो साड़ी चार से पांच हजार में बिक रही थी उसकी कीमत अब छह से सात हजार तक हो गई है। इसी तरह दुल्हन के पहनने वाले लहंगे भी 25 से 30 हजार के बीच बिक रहे हैं। दूल्हे का सूट और शेरवानी पांच से बीस हजार तक में है।
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तीन गुना तक पहुंचे फूल के दाम
- दुकानदार अमन सैनी, दीपक सैनी कहते हैं कि लग्न के चलते फूलों के दाम तीन गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। अधिकतर फूलों की मांग शादी के दिन आती है। पिछली बार 40 से 50 रुपये किलो मिलने वाला गेंदा इस बार 100 रुपये में पहुंच गया है। गुलाब का रेट 150 रुपये प्रति किलो था, इस समय 300 रुपये किलो हो गया है। जयमाला के दाम 150 रुपयेे से बढ़कर 250 रुपये हो गए हैं।