उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को विकास भवन के मुख्य गेट पर गेट मीटिंग की गई। इस दौरान कई बिंदुओ पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी राय रखी।
डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ल ने कहा कि सरकार हम पर अधिकार विहीन दायित्व थोपें जा रही है। यह उचित नहीं है। दायित्व मिले तो इसके साथ ही अधिकार भी मिलने चाहिए। पीडी डीआरडीए आरपी सिंह और डीसी मनरेगा अनिल कुमार सिंह ने कहा कि गेट मीटिंग के जरिए सरकार को प्रतीकात्मक संदेश दिया गया है। सरकार ग्राम्य विकास को मजबूत करे। कहा कि सभी विभागों के काम ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों से लिए जा रहे हैं, मगर उन्हे नियंत्रण और अधिकार नहीं दिया जा रहा है। गेट मीटिंग का संचालन महापरिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर एई डीआरडीए प्रदीप कुमार सिंह, हीरामन, सत्यनरायन चौधरी, मुकेश कुमार सोनकर, राजेश श्रीवास्तव, राममगन, आलोक चौधरी, अशोक श्रीवास्तव, घनश्याम, रुमझुम चटर्जी, संगीता, रुद्रनाथ श्रीवास्तव, वीके लाल, धीरेंद्र यादव, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, मुक्तिनाथ, दिनेश कुमार शुक्ल, लाल बहादुर, रामआसरे यादव आदि मौजूद रहे।
इसी क्रम में सदर ब्लाक मुख्यालय पर ग्राम्य विकास महापरिषद के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर बीडीओ रेनू चौधरी, कर्मचारी नेता अमर नाथ गौतम सहित सभी ब्लाक कर्मी मौजूद रहे।